जब सेंट हेलेना द्वीप पर नेपोलियन की मौत हुई, वाटरलू में मिली थी करारी हार

आज के दिन ही फ्रांस के सम्राट नेपोलियन की निर्वासन के दौरान सेंट हेलेना द्वीप पर मौत हो गई थी. वाटरलू की लड़ाई में हार के बाद उन्हें इस द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया था.

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सेंट हेलेना द्वीप पर नेपोलियन की मौत हुई थी (Photo - Getty) सेंट हेलेना द्वीप पर नेपोलियन की मौत हुई थी (Photo - Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:43 AM IST

5 मई 1821 में नेपोलियन बोनापार्ट की मौत सेंट हेलेना द्वीप पर निर्वासन के दौरान हो गई थी. नेपोलियन फ्रांस के पूर्व शासक, जिन्होंने कभी पूरे यूरोप में फैले एक साम्राज्य पर शासन किया था.दक्षिणी अटलांटिक महासागर में स्थित सुदूर द्वीप सेंट हेलेना में एक ब्रिटिश कैदी के रूप में उनका निधन हो गया था. 

कोर्सिका में जन्मे नेपोलियन, इतिहास के महानतम सैन्य रणनीतिकारों में से एक थे. 1790 के दशक में फ्रांसीसी क्रांतिकारी सेना में तेजी से आगे बढ़े. 1799 तक, फ्रांस यूरोप के अधिकांश देशों के साथ युद्ध में उलझा हुआ था. तब नेपोलियन अपने मिस्र अभियान से लौटकर फ्रांसीसी सरकार की बागडोर संभालने और अपने राष्ट्र को पतन से बचाने के लिए आगे आए.

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 फरवरी 1800 में नेपोलियन प्रथम कौंसल बनने के बाद अपनी सेनाओं का पुनर्गठन किया और ऑस्ट्रिया को परास्त किया. 1802 में, उन्होंने फ्रांसीसी कानून की एक नई प्रणाली, नेपोलियन संहिता की स्थापना की और 1804 में नोट्रेडेम कैथेड्रल में फ्रांस के सम्राट के रूप में उनका राज्याभिषेक हुआ. 

1807 तक नेपोलियन का साम्राज्य उत्तर में एल्बे नदी से लेकर दक्षिण में इटली तक और पाइरेनीज पर्वतमाला से लेकर डालमेटियन तट तक फैला हुआ था. 1812 से शुरू होकर, नेपोलियन को अपने सैन्य करियर की पहली महत्वपूर्ण हार का सामना करना पड़ा. रूस पर विनाशकारी आक्रमण , प्रायद्वीपीय युद्ध में ड्यूक ऑफ वेलिंगटन के हाथों स्पेन की हार  और 1814 तक मित्र देशों की सेना के हाथों पूर्ण पराजय.

यह भी पढ़ें: जब एल्बा द्वीप से भाग निकला था नेपोलियन, ऐसे नाम के साथ जुड़ा 'बोनापार्ट'

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एल्बा द्वीप पर निर्वासित होने के बाद, वह 1815 की शुरुआत में फ्रांस भाग निकला और एक नई विशाल सेना का गठन किया. इसे 18 जून, 1815 को वेलिंगटन के नेतृत्व वाली मित्र देशों की सेना के हाथों वाटरलू में करारी हार से पहले अस्थायी सफलता मिली. इसके बाद नेपोलियन को अफ्रीका के तट पर स्थित सेंट हेलेना द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया. छह साल बाद, उनकी मृत्यु हो गई. उनकी मौत की वजह  संभवतः पेट का कैंसर था. 1840 में उनके शरीर को पेरिस लौटा दिया गया, जहां उसे होटल डेस इनवैलिड्स में दफनाया गया.

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