बहते-बहते अचानक गायब हो जाती है ये नदी... जमीन में समा जाता है पानी!

नदियों की कहानी हम हमेशा एक जैसी ही सुनते आए हैं- पहाड़ों से निकलती हैं, मैदानों से गुजरती हैं और आखिर में समुद्र में जाकर मिल जाती हैं. लेकिन क्या हो अगर कोई नदी बीच रास्ते में ही गायब हो जाए?  सुनने में ये किसी जादू या फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन हकीकत में भी ऐसा होता है.

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दुनिया में कुछ नदियां ऐसी हैं, जो बहते-बहते अचानक जमीन के अंदर समा जाती हैं. ( Photo: Pexels) दुनिया में कुछ नदियां ऐसी हैं, जो बहते-बहते अचानक जमीन के अंदर समा जाती हैं. ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

हम सभी ने नदियों को बहते देखा है- शांत, सीधी और अपने रास्ते पर चलते हुए, आखिर में समुद्र तक पहुंच जाती हैं. लेकिन जरा सोचिए, अगर कोई नदी अचानक रास्ते में ही गायब हो जाए तो? दुनिया में कुछ नदियां सच में ऐसा ही करती हैं. ये बहते-बहते अचानक जमीन के अंदर समा जाती हैं और फिर कहीं दिखती ही नहीं. ओकावांगो, मोजावे और ट्रेबिज़्नजिका जैसी नदियां इसी अजीब लेकिन दिलचस्प रहस्य का हिस्सा हैं, जो प्रकृति को और भी खास बना देता है. इन नदियों का पानी कहीं समुद्र तक नहीं पहुंचता, बल्कि जमीन के अंदर समा जाता है. 

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सबसे पहले बात करते हैं ओकावांगो नदी की. यह नदी अफ्रीका के बोत्सवाना में स्थित है और दुनिया की सबसे अनोखी नदियों में से एक मानी जाती है. आमतौर पर नदियां समुद्र की ओर बहती हैं, लेकिन ओकावांगो नदी समुद्र तक पहुंचने से पहले ही रेगिस्तान में फैलकर एक विशाल डेल्टा का रूप ले लेती है. इसका पानी धीरे-धीरे रेत और जमीन में समा जाता है. यही कारण है कि यह जगह एक हरे-भरे स्वर्ग में बदल जाती है, जहां हाथी, शेर और सैकड़ों पक्षियों की प्रजातियां पनपती हैं. whc.unesco.org के अनुसार, ओकावांगो डेल्टा अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी बोत्सवाना में स्थित एक अनोखी जगह है. यहां स्थायी दलदली इलाके और बारिश के मौसम में पानी से भर जाने वाले मैदान पाए जाते हैं. खास बात यह है कि यह दुनिया के बहुत कम ऐसे डेल्टा में से एक है, जिसका पानी किसी समुद्र या महासागर में नहीं जाता, बल्कि यहीं जमीन में फैलकर खत्म हो जाता है.

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इस जगह की एक और अनोखी बात यह है कि ओकावांगो नदी का पानी हर साल सूखे मौसम में यहां फैलता है. यानी जब आसपास के इलाके सूखे होते हैं, तब यह डेल्टा पानी से भर जाता है. इसी वजह से यहां के पेड़-पौधे और जानवर अपने लाइफ साइकिल को इसी समय के अनुसार ढाल चुके हैं. यह जगह मौसम, पानी और जीव-जंतुओं के बीच तालमेल का बहुत अच्छा उदाहरण है. यहां कई दुर्लभ और खतरे में पड़े जानवर भी पाए जाते हैं, जैसे चीता, सफेद गैंडा, काला गैंडा, अफ्रीकी जंगली कुत्ता और शेर.

मोजावे नदी 
अब बात करते हैं मोजावे नदी की, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया के सूखे रेगिस्तानी इलाके में बहती है यह नदी ज्यादातर समय जमीन के ऊपर दिखाई ही नहीं देती. इसका पानी रेत के नीचे बहता रहता है. बरसात के समय यह कुछ हिस्सों में सतह पर आ जाती है, लेकिन फिर धीरे-धीरे गायब हो जाती है.  स्थानीय लोग इसे अदृश्य नदी भी कहते हैं. shallowsky.com के मुताबिक, मोजावे नदी ज्यादातर समय जमीन के नीचे बहती है, क्योंकि यह रेगिस्तान के ढीली रेत वाले इलाके से गुजरती है. सिर्फ सर्दियों में कभी-कभी तेज बारिश के दौरान ही इसका पानी जमीन के ऊपर दिखाई देता है. दरअसल, अगर यह नदी हमेशा ऊपर बहती, तो गर्म और सूखे मौसम में इसका पानी जल्दी ही सूख जाता.

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लेकिन, विक्टरविले के पास एक दिलचस्प घटना होती है. यहां जमीन के नीचे एक सख्त चट्टान रास्ते में आ जाती है, जो पानी को नीचे बहने नहीं देती. इसके कारण नदी अचानक जमीन के ऊपर आ जाती है. यह कुछ किलोमीटर तक बहती हुई दिखाई देती है और फिर दोबारा रेत में गायब हो जाती है. ऐसा दो जगहों पर होता है, जिन्हें अपर नैरोज और लोअर नैरोज कहा जाता है. यहां बताया गया हिस्सा अपर नैरोज का है, जो विक्टरविले और एप्पल वैली के बीच स्थित है.

इस जगह को ढूंढना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि इसके बारे में ज्यादा जानकारी आसानी से नहीं मिलती. लेकिन अगर कोई धैर्य से खोजे, तो एक छोटा सा रास्ता मिल सकता है, जो एक रिहायशी इलाके के पास पानी की नाली से शुरू होता है. 

ट्रेबिज़्नजिका नदी
तीसरी नदी है ट्रेबिज़्नजिका नदी, जो यूरोप के बाल्कन क्षेत्र में बहती है. यह दुनिया की सबसे लंबी गायब होने वाली नदियों में से एक मानी जाती है. यह नदी कई बार जमीन के ऊपर बहती है और फिर अचानक गायब हो जाती है. इसका कारण है यहां की चूना पत्थर वाली जमीन, जिसमें बड़े-बड़े छेद और गुफाएं बनी होती हैं. पानी इन गुफाओं में समा जाता है और फिर किसी दूसरी जगह से बाहर निकलता है. Livetheworld.com के मुताबिक,  बोस्निया के एड्रियाटिक तट के आसपास यह नदी बहुत ही अनोखी है, क्योंकि यह जमीन के ऊपर और नीचे दोनों तरह से बहती है. यह एक घाटी से होकर गुजरती है और रास्ते में कई बार जमीन के अंदर चली जाती है, फिर कुछ दूरी बाद दोबारा बाहर निकल आती है. पहले इस नदी को अरियन भी कहा जाता था.

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लगभग 187 किलोमीटर लंबी इस नदी का करीब आधा हिस्सा जमीन के नीचे बहता है, इसलिए इसे दुनिया की सबसे लंबी गायब होने वाली नदी माना जाता है. यह लास्ट में एड्रियाटिक सागर की ओर बढ़ती है, लेकिन अपने पूरे सफर में कई बार गायब हो जाती है. यह नदी सिर्फ देखने में ही खूबसूरत नहीं है, बल्कि यहां बिजली बनाने के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है.

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