आज के समय में रसोई गैस हर घर की सबसे जरूरी जरूरत बन चुकी है. खाना बनाने से लेकर रोजमर्रा के कई कामों में गैस का इस्तेमाल होता है. भारत में आमतौर पर दो तरह की गैस का उपयोग किया जाता है- LPG (सिलेंडर गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस). शहरों में धीरे-धीरे PNG का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जबकि LPG पहले से ही हर घर में इस्तेमाल होती आ रही है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दोनों में से कौन सी गैस सस्ती पड़ती है और किसका इस्तेमाल ज्यादा फायदेमंद है.
सबसे पहले बात करते हैं LPG गैस की. LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस, जो सिलेंडर के रूप में घरों तक पहुंचती है. भारत में घरेलू LPG सिलेंडर का वजन 14.2 किलो होता है. इसकी कीमत शहर और सरकारी नीतियों के हिसाब से बदलती रहती है, लेकिन आमतौर पर यह ₹900 से ₹1100 के बीच मिलती है. अगर हम औसतन ₹913 मान लें, तो एक किलो LPG की कीमत करीब ₹₹64.29 के आसपास बैठती है. यही वजह है कि लंबे समय से लोग इसी गैस का इस्तेमाल करते आ रहे हैं.
PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और LPG (सिलेंडर गैस) दोनों का इस्तेमाल घरों में खाना बनाने के लिए होता है, लेकिन कीमत और खर्च के हिसाब से दोनों में फर्क होता है. आइए जानते हैं.
LPG गैस की कीमत
भारत में घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत शहर के हिसाब से अलग-अलग होती है, लेकिन औसतन इसकी कीमत करीब ₹900 से ₹1100 के बीच होती है. अगर हम ₹913 मान लें, तो 1 किलो LPG की कीमत = ₹913 ÷ 14.2 = ₹64.29 प्रति किलो.
अलग-अलग शहरों में रेट भी अलग
अब बात करते हैं PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस की. यह गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचाई जाती है, ठीक वैसे ही जैसे पानी की सप्लाई होती है. PNG की कीमत प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) के हिसाब से तय होती है. अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत अलग हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह ₹50 से ₹55 प्रति SCM के बीच होती है. अब अगर इसे LPG से तुलना करें, तो 1 SCM PNG लगभग 0.8 किलो LPG के बराबर मानी जाती है. इस हिसाब से PNG की कीमत लगभग ₹60 से ₹65 प्रति किलो के आसपास पड़ती है.
अगर दोनों की सीधी तुलना करें, तो साफ पता चलता है कि PNG, LPG के मुकाबले थोड़ी सस्ती पड़ती है. जहां LPG करीब ₹70 प्रति किलो पड़ती है, वहीं PNG लगभग ₹60-₹65 प्रति किलो में मिल जाती है. यानी हर किलो पर ₹5 से ₹10 तक की बचत हो सकती है. हालांकि यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन लंबे समय में यह बचत मायने रखती है. कीमत के अलावा सुविधा के मामले में भी PNG आगे है. PNG में सिलेंडर खत्म होने का कोई झंझट नहीं होता, क्योंकि यह पाइपलाइन के जरिए लगातार आती रहती है. आपको सिलेंडर बुक करने, इंतजार करने या बदलने की जरूरत नहीं पड़ती. इसके अलावा PNG को ज्यादा सुरक्षित भी माना जाता है, क्योंकि इसमें गैस हल्की होती है और लीक होने पर जल्दी हवा में उड़ जाती है, जिससे खतरा कम होता है.
PNG गैस की कीमत
PNG गैस पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है और इसकी कीमत प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) में तय होती है.दिल्ली जैसे शहरों में PNG की कीमत लगभग ₹50–₹55 प्रति SCM के आसपास होती है.
1 SCM PNG = 0.8 किलो LPG के बराबर होती है.
तो अगर PNG ₹52/SCM है, तो 1 किलो PNG की कीमत = ₹65 प्रति किलो के आसपास पड़ती है.
आपको बता दें कि नेचुरल गैस (Natural Gas) को हमेशा SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) में मापा जाता है. लेकिन जब हमें उसका वजन जानना होता है, तो उसे किलो में बदलना पड़ता है. आम तौर पर 1 SCM नेचुरल गैस 0.76 से 0.85 किलो के बीच होती है. यानी औसतन इसे लगभग 0.8 किलो मान लिया जाता है.
वहीं, CNG (Compressed Natural Gas) के लिए 1 SCM = 0.72 किलो के आसपास होती है. ध्यान रखने वाली बात है कि गैस का सही वजन उसकी डेंसिटी (घनत्व) पर निर्भर करता है, जो हर जगह थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए यह एक फिक्स नंबर नहीं होता, बल्कि अनुमान (approximate) होता है.
आसान शब्दों में कहे तो...
1 SCM गैस = लगभग 0.7 से 0.8 किलो के बराबर मान सकते हैं. यही कारण है कि PNG, CNG और LPG की तुलना करते समय यह कन्वर्जन बहुत जरूरी होता है.
कौन सस्ती है?
अगर सीधे तुलना करें, तो LPG के मुकाबले, PNG थोड़ी सस्ती पड़ती है.
PNG की कीमत
दिल्ली: ₹47.89 प्रति SCM
नोएडा / गाजियाबाद: ₹47.76 प्रति SCM
गुरुग्राम: ₹46.70 प्रति SCM
करनाल: ₹45.40 प्रति SCM (सबसे सस्ता)
बाकी शहरों में भी लगभग ₹47 के आसपास कीमत है
मतलब ज्यादातर शहरों में PNG गैस की कीमत ₹45 से ₹48 प्रति SCM के बीच है.
अब इसे किलो में समझें-1 SCM PNG = 0.8 किलो
अगर ₹48/SCM मानें, तो 1 किलो PNG = ₹60 के आसपास पड़ेगी
LPG से तुलना करें तो LPG सिलेंडर (14.2 kg) = ₹900–₹1100
यानी 1 किलो LPG = ₹65–₹75
अगर सीधी तुलना करें तो
गैस कीमत (प्रति किलो)
PNG ₹55–₹65
LPG ₹65–₹75
कौन सस्ता है?
PNG गैस LPG से सस्ती पड़ती है. हर किलो में लगभग ₹5–₹10 तक बचत हो सकती है. अगर आपके घर में PNG कनेक्शन है, तो खर्च थोड़ा कम होगा और सिलेंडर खत्म होने का झंझट नहीं. लेकिन जहां PNG नहीं है, वहां LPG ही विकल्प है. कुल मिलाकर PNG थोड़ी सस्ती और ज्यादा सुविधाजनक है.
वहीं, LPG के अपने फायदे भी हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि यह देश के लगभग हर हिस्से में उपलब्ध है, चाहे वह गांव हो या शहर. जहां PNG की सुविधा अभी नहीं पहुंची है, वहां LPG ही एकमात्र विकल्प है. इसके अलावा LPG कनेक्शन लेना भी आसान होता है और इसे कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, PNG हर जगह उपलब्ध नहीं है. यह सुविधा अभी मुख्य रूप से बड़े शहरों और कुछ विकसित इलाकों तक ही सीमित है. इसके अलावा PNG का कनेक्शन लगवाने में शुरुआती खर्च भी आता है, जो कुछ लोगों के लिए थोड़ा महंगा हो सकता है. दूसरी तरफ, LPG की कीमतें सरकार की सब्सिडी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से ऊपर-नीचे होती रहती हैं, जिससे खर्च कभी-कभी बढ़ भी सकता है.
कुल मिलाकर, अगर आपके इलाके में PNG की सुविधा उपलब्ध है, तो यह आपके लिए थोड़ा सस्ता और ज्यादा सुविधाजनक विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर PNG उपलब्ध नहीं है, तो LPG ही सबसे भरोसेमंद और आसान विकल्प बना रहेगा. अंत में यही कहा जा सकता है कि दोनों गैस के अपने-अपने फायदे और सीमाएं हैं. सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शहर में कौन सी सुविधा उपलब्ध है और आपकी जरूरत क्या है.
अगर 14 किलो LPG एक महीने चलेगा तो 14 किलो PNG एक महीने चलेगा क्या?
नहीं, बराबर नहीं चलेगा. आपको बता दें कि LPG और PNG की ऊर्जा (heat value) अलग होती है. LPG ज्यादा ताकतवर (high energy) गैस है और PNG थोड़ी कम ताकतवर होती है. इसका मतलब है कि 1 किलो LPG और 1 किलो PNG उपयोग के हिसाब से बराबर नहीं होगा.
1 किलो LPG = 1.2–1.3 किलो PNG के बराबर काम करता है. अगर आपके घर में 14 किलो LPG 1 महीने चलता है. तो PNG में आपको लगभग 16–18 किलो PNG लगेगा उसी महीने LPG कम मात्रा में ज्यादा काम करता है.PNG ज्यादा मात्रा में लगता है, लेकिन सस्ता होता है. 14 किलो LPG = 14 किलो PNG नहीं चलेगा. PNG थोड़ा ज्यादा खर्च होगा, लेकिन फिर भी कुल बिल अक्सर कम ही आता है
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