अक्सर लोगों को लगता है कि LPG गैस सिलेंडर की भी कोई एक्सपायरी डेट होती है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है, गैस सिलेंडर पर जो तारीख लिखी होती है, वह उसकी एक्सपायरी नहीं बल्कि टेस्टिंग की तारीख (Test Due Date) होती है. इसका मतलब यह होता है कि उस सिलेंडर की अगली बार सेफ्टी टेस्ट कब की जाएगी. दरअसल, LPG सिलेंडर बेहद मजबूत खास तरह के स्टील से बनाए जाते हैं ताकि वे लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किए जा सकें. इन्हें BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) के तय मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है. भारत में गैस सिलेंडर बनाने की अनुमति केवल उन्हीं कंपनियों को मिलती है जिन्हें Chief Controller of Explosives (CCOE) से मंजूरी प्राप्त होती है.
हर 5 साल में एक बार होती है सिलेंडर की जांच
सरकारी नियमों के अनुसार, नए LPG सिलेंडर की पहली सुरक्षा जांच लगभग 10 साल बाद की जाती है. इसके बाद हर 5 साल में एक बार सिलेंडर की जांच और पेंटिंग की जाती है. इस प्रक्रिया में सिलेंडर की मजबूती, लीकेज, जंग या किसी तरह की खराबी को ध्यान से परखा जाता है. अगर सिलेंडर सुरक्षित पाया जाता है तो उसे दोबारा इस्तेमाल के लिए बाजार में भेज दिया जाता है. यही वजह है कि सिलेंडर पर A, B, C या D के साथ साल लिखा होता है, जो यह बताता है कि उस सिलेंडर की अगली टेस्टिंग किस तिमाही में होनी है. इसलिए गैस सिलेंडर लेते समय इस मार्किंग को देखना जरूरी होता है, ताकि आप सुरक्षित सिलेंडर का इस्तेमाल कर सकें.
जानें क्या है सरकारी नियम
सरकारी नियमों के मुताबिक, साल 2000 के बाद बने नए LPG सिलेंडरों की पहली टेस्टिंग 10 साल बाद की जाती है. इसके बाद हर 5 साल में एक बार सिलेंडर की जांच और पेंटिंग की जाती है. सिलेंडर पर जो A, B, C या D के साथ साल लिखा होता है, वह यह बताता है कि सिलेंडर की अगली जांच कब होनी है.
जैसे अगर सिलेंडर पर A-24 लिखा है तो इसका मतलब है कि जनवरी से मार्च 2024 के बीच उस सिलेंडर की टेस्टिंग होनी है. गैस भरने वाले प्लांट में खाली सिलेंडरों की अच्छी तरह जांच की जाती है. जिन सिलेंडरों की टेस्टिंग का समय आ जाता है, उन्हें अलग कर दिया जाता है और उनकी जांच करवाई जाती है. जांच में सही पाए जाने पर ही उन्हें दोबारा गैस भरकर बाजार में भेजा जाता है. यानी साफ शब्दों में कहें तो LPG सिलेंडर की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती, लेकिन समय-समय पर उसकी जांच जरूरी होती है ताकि सिलेंडर सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सके.
इस समय LPG सिलेंडर कई वजहों से सोशल मीडिया और गूगल पर ट्रेंड कर रहा है. इसके कई कारण हैं.
1. गैस सिलेंडर की कमी की खबरें
कुछ जगहों पर सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हुई कि LPG सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे या कुछ लोग ब्लैक में बेच रहे हैं. इससे लोगों में चिंता बढ़ गई और गैस सिलेंडर को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
2. इंडक्शन कुकटॉप की बढ़ती सर्च
गैस की संभावित कमी की खबरों के बाद लोग इंडक्शन कुकटॉप जैसे दूसरे विकल्प तलाशने लगे। इसी वजह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन की सर्च और बिक्री अचानक बढ़ गई।
3. सिलेंडर पर लिखे कोड (A-24, B-26) की चर्चा
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें बताया गया कि गैस सिलेंडर पर लिखे A, B, C, D कोड का क्या मतलब होता है. लोग इसे सिलेंडर की एक्सपायरी समझ रहे थे, जबकि असल में यह टेस्टिंग की तारीख होती है.
इस लिंक से चेक करें सिलेंडर से जुड़ी एक्सपायरी डिटेल
aajtak.in