यहां नारियल को कटता देख रोने लग जाते हैं लोग? क्या है इसका कारण

हमारे यहां शुभ कार्यों में या कोई भी काम शुरू करने से पहले नारियल फोड़ा जाता है. यह खुशी और पवित्रता का प्रतीक होता है. वहीं इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो नारियल को फूटता या कटता देख रोने लग जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन हैं ये लोग और ऐसा क्यों करते हैं?

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इंडोनेशिया में लेवाक तापो अनुष्ठान करते लोग (Photo - Youtube/@vinsbahi98) इंडोनेशिया में लेवाक तापो अनुष्ठान करते लोग (Photo - Youtube/@vinsbahi98)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

भारत से बाहर इंडोनेशिया में लामाहोलोट नाम की जनजाति है. इनके बीच रहस्यमय अनुष्ठान की परंपरा है. इसके जरिए ये जनजाति अपने लोगों के अप्राकृतिक मौत की वजह का पता लगाते हैं. इस रिचुअल को 'लेवाक तापो' कहा जाता है. इस अनुष्ठान के दौरान नरियल फोड़ा जाता है और जब ऐसा होता है तो लोग रोने लग जाते हैं. 

इंडोनेशिया सेंटिनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लामाहोलोट लोग इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा के पूर्वी फ्लोरेस और लेम्बाटा जिलों के कुछ द्वीपों पर रहते हैं. इनकी मान्यताओं के मुताबिक,  लेवाक तापो अनुष्ठान लामहोलोट लोगों के लिए अपने देवता और पूर्वजों की आत्माओं दोनों के साथ संवाद करने का एक माध्यम है.

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लामाहोलोट समुदाय का मानना ​​है कि जो लोग कम उम्र में या अप्राकृतिक तरीकों से मरते हैं, जैसे हत्या, दुर्घटना या बीमारी से, वे अपने पिछले पापों या पूर्वजों के अनसुलझे पापों का दंड भुगत रहे होते हैं. आने वाली पीढ़ियों में ऐसी मौतों को रोकने के लिए और मौत की वजह का पता लगाने के लिए लेवाक तापो अनुष्ठान किया जाता है.

तापो का मतलब नारियल होता है. लामाहोलोट के पुजारी या आध्यात्मिक नेता को शमन कहा जाता है. ये शमन नारियल को तोड़कर अप्राकृतिक मौतों की वजह का पता लगाते हैं. यही वजह है नारियल को तोड़ा जाता है और पता चलता है कि शख्स की मौत क्यों हुई, या किसी की मौत प्राकृतिक रूप से होगी या अप्राकृतिक तौर पर. तब लोग भावनात्मक रूप से रोने लग जाते हैं. 

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तापो लेवाक अनुष्ठान की वजह से ही इंडोनेशिया के लामाहोलोट समुदाय के लोग नारियल को फोड़ने के दौरान लोग रोने लगते हैं. यह इनकी संस्कृति का हिस्सा है और काफी पुरानी प्रथा है. ऐसी कई प्रथाएं दुनियाभर में फैले अलग-अलग जनजातीय समूह में सदियों से चली आ रही हैं, जिनके बारे में अधिकांश लोग नहीं जानते हैं. 

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