शापित झील या साइंस? जिसके पानी में जाते ही पत्थर बन जाते हैं जीव!

क्या आप एक ऐसी झील के बारे में जानते हैं, जिसका पानी इतना ज्यादा खतरनाक है कि अगर इसकी पानी में कोई जीव चला जाए तो उसका शरीर पत्थर की जगह जम जाता है.

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नेट्रॉन झील के पानी में जाते ही जीव पानी बन जाते हैं. (Photo: Getty) नेट्रॉन झील के पानी में जाते ही जीव पानी बन जाते हैं. (Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

एक झील है, जो देखने में काफी खूबसूरत है, मगर उतनी ही खतरनाक. कहा जाता है कि अगर उसमें कोई जिंदा चीज जाती है तो वो पत्थर बन जाती है! सोचिए, अगर ऐसा सच है कि ये कितनी  खतरनाक झील होगी. जिस झील की बात कर रहे हैं, उसका नाम है लेक नेट्रॉन. लेकिन, इसे जॉम्बी लेक और मेड्यूसा लेक के नाम से भी जाना जाता है. जॉम्बी से तो आप समझ गए होंगे, लेकिन मेड्यूसा इसलिए है, क्योंकि ग्रीक माइथोलॉजी में एक किरदार है 'मेड्यूसा' और वो किसी ज़िंदा चीज को देख ले, तो वो पत्थर में तब्दील हो जाती है.

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अब जानते हैं कि ये झील कहां है और क्या सच में ऐसा है और इसके पानी से पत्थर बनने की क्या कहानी है और ऐसा क्यों कहा जाता है... 

कहां है ये झील?

ये झील पूर्वी अफ्रीका के एक देश तंजानिया में हैं. लोगों का मानना है कि ये झील जादुई है. ये झील 56 किलोमीटर लंबी और 24 किलोमीटर चौड़ी है. इस झील के आस-पास कई पशु पक्षियों की मूर्तियां मिल जाएंगी. ये असली पशु और पक्षी हैं, जो मूर्तियों में तब्दील हो चुके हैं. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है. बताया जाता है कि इस झील का पानी आम झीलों के मुकाबले ज्यादा एल्कलाइन है. नैट्रॉन झील के पानी का pH लेवल 10.5 तक मापा गया है. ये लेवल लगभग अमोनिया के pH जितना ही है. 

इस झील के इतने एल्कलाइन होने का कारण इसके पास मौजूद ओल दोइन्यो लेंगाई ज्वालामुखी है. ये दुनिया का एकमात्र ऐसा ज्वालामुखी है जिसके लावा में नैट्रोकार्बोनाइट्स पाए जाते हैं. ये एक खास तरह का लावा है. जिसमें सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम कार्बोनेट की काफी ज्यादा मात्रा पाई जाती है. खास बात ये है कि इस लावा का तापमान बाकी लावा के मुकाबले कम होता है और ये ठंडा होकर जल्दी जम जाता है. 

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अब आस-पास में ऐसे केमिकल होते हैं तो इसका असर झील पर भी है. नैट्रॉन झील ने इन पहाड़ियों से सोडियम कार्बोनेट समेत बाकी के नैट्रोकार्बोनइट खनिज भी खुद में सोख लिए हैं. जिस वजह से झील का पानी काफी ज्यादा नमकीन और एल्कलाइन भी है. इस कारण झील में जाने वाले ज्यादातर जानवर ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह पाते हैं और इस तरह के केमिकल्स की वजह से उनके शरीर के सड़ने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है. यही वजह है कि झील में उनके शव बहुत लंबे समय तक पड़े रहते हैं.

एक पक्षी को पसंद है ये जगह

लेकिन फ्लेमिंगो एक ऐसा पक्षी है, जो इस झील में अच्छे से फलता फूलता रहता है. यहां तक कि ये उनके बच्चों के पालन पोषण और प्रजनन के लिए सबसे बेहतर और सुरक्षित स्थान है. हर साल लाखों की संख्या में यहां ये पक्षी जमावड़ा लगाते हैं. झील के लाल-गुलाबी पानी में लंबे समय तक रहने और इसके पानी का सेवन करने की वजह से इस पक्षी का रंग गुलाबी हो जाता है. कुदरत ने इस पक्षी को कुछ खास सहन शक्तियां दी हैं, जिस वजह से ये इस झील के जहरीले पानी को आसानी से पचा लेता है.

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