जंग के बीच ईरान के साथ ही इजरायल में भी डर का माहौल है. ईरान की ओर से लगातार हो रहे मिसाइल अटैक के बाद इजरायल में भी लोग डर में हैं. यहां तक कि नहाने जाने से पहले भी वो चेक करते हैं कि कहीं अटैक ना हो जाए. बार-बार बज रहे सायरनों के बीच इजरायल में कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चर्चा में हैं. अब लोग इन प्लेटफॉर्म को देखकर ही लोग नहाने जा रहे हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर इन प्लेटफॉर्म की क्या कहानी है और नहाने से पहले इसे लोग क्यों देख रहे हैं...
द जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, इन दिनों इजराइल में, जो कोई भी नहाने के लिए जाता है, उसे शायद नहाने से पहले ही बाहर निकलना पड़ सकता है, क्योंकि दिन-रात हर समय मिसाइल अलर्ट बजते रहते हैं. ऐसे में अब इजरायल में कुछ ऐसे प्लेटफॉर्म ये बता रहे हैं कि आखिर नहाने का सबसे सही समय कौनसा है. इसके बाद से लोग इन प्लेटफॉर्म को देखकर ही नहाने जा रहे हैं. इन वेबसाइट्स में canishower और bestshowertime शामिल है.
ये वेबसाइटें अंग्रेजी और हिब्रू में हैं. दरअसल, ये वेबसाइटें रॉकेट हमलों के पैटर्न और अलर्ट की आशंका का विश्लेषण करके नहाने के लिए सबसे सही समय के बारे में बताती है. यह ऐतिहासिक डेटा और ईरानी हमलों की वर्तमान स्थिति को जोड़कर जोखिम का आंकलन करती है. इस ऐप में बता दिया जाता है कि उस वक्त कितना रिस्क है, जैसे यूजर्स को बता दिया जाता है कि नहाने में बाधा पड़ने की संभावना 40% है. इसमें ग्राफ के जरिए ये बता दिया जाता है कि कौनसा समय सही है, जैसे दोपहर 3:52 बजे नहाने का आदर्श समय है.
इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी भी 'कैन आई शावर' ऐप के प्रशंसकों में से एक हैं. उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, 'आपको शायद यह बेकार लगे, लेकिन जेनेट और मैं इस बात की सराहना करते हैं कि हम नहाने का समय ऐसे समय पर तय कर सकते हैं जब ईरान की मिसाइलों या ड्रोन हमलों से व्यवधान की संभावना सबसे कम हो. सायरन बजने पर, आश्रय स्थल तक पहुंचने के लिए केवल 90 सेकंड का समय होता है!'
"कैन आई शावर?" को मातन नाम के एक व्यक्ति ने बनाया है, जबकि अमेरिका से आए अप्रवासी बेन ग्रीनबर्ग ने "बेस्ट शावर टाइम" विकसित किया है, जो मूल रूप से समान सिद्धांतों पर काम करता है.
सोशल मीडिया पर लोग इस पहल की काफी चर्चा कर रहे हैं. लोगों का मानना है कि बाथरूम से निकलकर भागना मुश्किल होता है, ऐसे में ये ऐप उन लोगों की मदद कर सकती है.
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