ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद फिर से इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी की खुफिया एजेंसी सीआईए खबरों में हैं. बताया जा रहा है कि सीआईए को खामेनेई के हर एक्शन के बारे में जानकारी थी और इन इनपुट के जरिए अमेरिका और इजरायल ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. ऐसे में सवाल है कि आखिर मोसाद या सीआईए एजेंट को कैसे इंटर्नल इनपुट मिलते रहते हैं. तो जानते हैं इन खुफिया एजेंसी के एजेंट्स क्या बनकर रहते हैं...
क्या बनकर रहते हैं मोसाद-CIA के एजेंट?
मोसाद के एजेंट ईरान में लंबे समय से सक्रिय हैं. खासकर 1979 की क्रांति के बाद से, जहां वे स्थानीय नागरिकों या सरकारी पदों पर घुसपैठ कर जासूसी करते रहे हैं. ईरानी अधिकारियों और पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के बयानों से भी साफ होता है कि ये एजेंट सामान्य जीवन जीते हुए उच्च पदों तक पहुंचे हैं. मोसाद और सीआईए के एंजेट पहले ईरान में आम नागरिक की तरह रहते हैं और फिर सरकारी महकमे में एंट्री ले लेते हैं. इसके बाद उन्हें सरकार विभागों का एक्सेस मिलता है और वहां से जानकारी जुटाते हैं.
अभी तक जिन एजेंट्स की जानकारी सामने आई है, उनसे पता चलता है कि वे सरकारी कर्मचारी, इंटेलिजेंस अधिकारी के रुप में ज्यादा काम करते हैं. इससे उन्हें खुफिया जानकारी आसानी से मिल जाती है. इसके अलावा मोसाद के एजेंट्स वो असंतुष्ट नागरिकों के रुप में छिपकर रहते हैं, जो सरकार या प्रशासन से नाराज है. तेहरान में पकड़े गए एजेंट्स प्रदर्शनकारियों या बाजार दुकानदारों के भेष में रेकी करते थे.
इसके साथ ही कई पकड़े गए एजेंट्स टूरिस्ट, स्टूडेंट, बिजनेसमैन बनकर ईरान की सरकार, परमाणु साइट्स आदि पर नजर रखते हैं. जब 2025 में कुछ दिन युद्ध चला था, उस वक्त ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई थी. ये एजेंट पहले छोटे पदों पर नौकरी जॉइन करते हैं और कुछ सालों में अहम पद पर पहुंच जाते हैं. जैसे- एक बार ईरान में एक इंटेलिजेंस यूनिट बनाई गई थी, उसकी चीफ ही मोसाद का एजेंट निकला था. इसके अलावा ईरानी इंटेलिजेंस विंग में 20 मोसाद एजेंट सक्रिय थे, जिन्होंने न्यूक्लियर दस्तावेज चुराए और वैज्ञानिकों की हत्या में मदद की.
एक रिपोर्ट में सामने आया था कि ईरान ने कई अमेरिकी खुफिया एजेंट को पकड़ा और सजा सुनाई थी, उस वक्त पता चला था कि सीआईए के एजेंट आर्थिक, परमाणु, सैन्य और साइबर जैसे संवेदनशील निकायों के सदस्य थे. इसके अलावा कुछ एजेंट प्राइवेट नौकरी भी करते थे, जो अलग अलग तरीकों से खुफिया एजेंसियों के लिए काम करते थे. इनमें कुछ सीआईए जासूस ऐसे थे, जो अकेले ही काम कर रहे थे और उनमें से कोई भी एक-दूसरे के संपर्क में नहीं था.
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