17 मार्च 1969 को गोल्डा मीर ने इतिहास रच दिया जब उन्हें इजरायल की पहली महिला प्रधानमंत्री चुना गया. तब उनकी उम्र 70 साल थी. गोल्डा मीर देश की चौथी प्रधानमंत्री थीं. 1969 में प्रधानमंत्री लेवी एशकोल की अचानक मृत्यु के बाद, मीर को उनका उत्तराधिकारी चुना गया था.इजरायल में आज भी पीएम के पद पर रहने वाली एकमात्र महिला होने का रिकॉर्ड गोल्ड के नाम है.
मीर का जन्म यूक्रेन के कीव में हुआ था और उनका पालन-पोषण विस्कॉन्सिन में हुआ. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक जायोनिस्ट श्रमिक संगठनकर्ता के रूप में की और बाद में उन्होंने इजरायली सरकार में श्रम मंत्री और विदेश मंत्री सहित कई पदों पर कार्य किया.मीर ने एक कुशल राजनयिक के रूप में ख्याति अर्जित की.
उन्होंने अक्टूबर 1973 में मिस्र और सीरिया द्वारा इज़रायल पर अचानक हमले के बाद योम किप्पुर युद्ध के दौरान देश का नेतृत्व किया. हालांकि, इस युद्ध में इजरायल विजयी रहा, लेकिन 2,500 से अधिक इजरायली मारे गए और कई लोगों ने सरकार की तैयारियों की कमी की आलोचना की.
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अपनी बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य के कारण, मीर ने अक्टूबर 1974 में इस्तीफा दे दिया. उनके बाद यित्जाक राबिन ने पदभार संभाला. मीर का निधन 8 दिसंबर, 1978 को यरुशलम में 80 वर्ष की आयु में हुआ. मीर अपने कार्यकाल के दौरान एक सशक्त पीएम के तौर पर जानी जाती थीं. विदेश नीति को लेकर उनके अनुभव से कई देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्दे से जुड़े कई मौके पर लाभ हुआ.
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