इंटरनेट पर एक अनोखे ट्रेडिशन से जुड़े कुछ AI और वास्तविक तस्वीरें या वीडियो आपको दिख जाएंगे. इसमें युवा लड़के या लड़कियां सड़क किनारे पोल से बंधे होते हैं और आसपास खड़े युवक-युवतियां उनपर मसाले के घोल या पाउडर फेंकते दिखाई देते हैं.
यह तस्वीरें डेनमार्क में कुंवारे लड़के- लड़कियों से जुड़े एक मजेदर ट्रेंड से जुड़ी हैं. अगर आप डेनमार्क में 25 साल की उम्र तक भी अविवाहित हैं, तो लोग सड़क किनारे पोल से आपको बांधकर आप पर मसाले फेंकते हैं. उम्र बढ़ने के साथ यानी 30 साल तक भी अगर शादी नहीं की है तो यह और भी बदतर होता जाता है.
बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार , डेनमार्क की सड़कें अक्सर दालचीनी के घोल से ढकी रहती हैं. क्योंकि, यहां सड़क पर आते- जाते ऐसी घटना देखने को मिल जाएंगी. किसी लड़के या लड़की को पोल से बांधकर उन पर दालचीनी या काली मिर्च जैसे मसालों के घोल या पाउडर फेंके जाते हैं. यह एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है.
25 के उम्र तक कुंवारे रहने पर मिलती है ये सजा
डेनमार्क में जब आप 25 साल के हो जाते हैं और यदि आप अविवाहित हैं, तो यह ट्रेडिशन है कि आपके दोस्त और परिवार वाले आपको मसालों से सराबोर कर देते हैं. वे आप पर रहम नहीं करते. आपको सिर से पैर तक ढक देते हैं और उन पर पानी छिड़कते हैं ताकि दालचीनी अच्छे से चिपक जाए.
एक डेनिश व्यक्ति ने द टेलीग्राफ को बताया कि यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है. जब मसाले बेचने वाले व्यापारी घूमते रहते थे और कुंवारे रहते थे. क्योंकि वे कभी भी एक जगह पर इतने लंबे समय तक नहीं रहते थे कि किसी के साथ शादी करके बस सकें.
इनमें से कई सेल्समैन को कभी जीवनसाथी नहीं मिलता था और फिर उन्हें 'पेबर्सवेंड्स' कहा जाता था, जिसका अर्थ है - मिर्च बेचने वाले लड़के. वहीं अविवाहित महिला को 'पेबरमो' या मिर्च बेचने वाली युवती कहा जाता है.
30 की उम्र तक भी कुंवारे हैं तो हालत होगी और बदतर
वहीं अगर आप अपने 30वें जन्मदिन पर भी कुंवारे हैं, तब आपके दोस्त या घर वाले दालचीनी की जगह काली मिर्च का इस्तेमाल करते हैं. अगर वे बहुत ही शरारती मूड में हों, तो डेन कभी-कभी मसाले के मिश्रण में अंडे भी मिला देते हैं क्योंकि इससे मसाले को शरीर पर चिपकने में मदद मिलती है.
हालांकि, 25 वर्ष की उम्र में अविवाहित रहने पर किसी को भी दोषी नहीं ठहराया जाता है. वैसे भी डेनमार्क में पुरुषों के विवाह की औसत आयु 34 और महिलाओं के लिए 32 वर्ष है. यह बस एक सदियों पुरानी मजेदार परंपरा है, जो दोस्तों के बीच फन के लिए प्रचलित है. यह परंपरा सजा नहीं, बल्कि दोस्तों के किसी खास उम्र तक पहुंचने पर उनके साथ शरारत करने और मस्ती करने का एक बहाना मात्र है. यह काफी मजेदार होता है.
aajtak.in