क्या ट्रेन से फ्रिज, AC भी दूसरे शहर में भेज सकते हैं? इतने लगते हैं पैसे

अगर आप दूसरे शहर में शिफ्ट हो रहे हैं और फ्रिज, एसी या अन्य भारी घरेलू सामान भेजना चाहते हैं, तो भारतीय रेलवे की पार्सल सेवा आपके लिए किफायती विकल्प हो सकती है. रेलवे वजन और दूरी के आधार पर शुल्क तय करता है.

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रेलवे की पार्सल सेवा के माध्यम से ऐसे सामान आसानी से भेजे जा सकते हैं. ( Photo: ITG) रेलवे की पार्सल सेवा के माध्यम से ऐसे सामान आसानी से भेजे जा सकते हैं. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:40 PM IST

घर बदलने या दूसरे शहर में शिफ्ट होने के दौरान सबसे बड़ी चिंता बड़े घरेलू सामानों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की होती है. फ्रिज, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, कूलर या फर्नीचर जैसे भारी सामान को ट्रांसपोर्ट करना महंगा पड़ सकता है. ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या भारतीय रेलवे के जरिए फ्रिज और एसी को दूसरे शहर भेजा जा सकता है? इसका जवाब है- हां, रेलवे की पार्सल सेवा के माध्यम से ऐसे सामान आसानी से भेजे जा सकते हैं.

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रेलवे पार्सल सेवा क्या है?
भारतीय रेलवे पार्सल सेवा यात्रियों और आम लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक सामान भेजने की सुविधा देती है. इसके तहत घरेलू उपकरण, मशीनें, फर्नीचर, बाइक और अन्य भारी वस्तुएं निर्धारित शुल्क देकर भेजी जा सकती हैं. रेलवे का यह विकल्प कई बार निजी ट्रांसपोर्ट कंपनियों की तुलना में सस्ता भी पड़ता है.

फ्रिज और एसी भेजने के लिए क्या करना होगा?
सबसे पहले सामान को अच्छी तरह पैक करना जरूरी होता है. फ्रिज और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नाजुक होते हैं, इसलिए थर्मोकोल, बबल रैप और मजबूत कार्टन का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में जाकर बुकिंग करानी होती है. बुकिंग के समय सामान का वजन किया जाता है और दूरी के आधार पर शुल्क तय होता है. सामान भेजने वाले व्यक्ति को पहचान पत्र और प्राप्तकर्ता की जानकारी भी देनी होती है.

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रेलवे किराया कैसे तय करता है?
रेलवे पार्सल का शुल्क मुख्य रूप से दो चीजों पर निर्भर करता है.पहला सामान का वजन और भेजी जाने वाली दूरी. रेलवे की पार्सल रेट सूची के अनुसार 1 से 10 किलोग्राम तक के सामान के लिए 1 से 50 किलोमीटर की दूरी पर लगभग 6 रुपये से शुरुआत होती है. दूरी बढ़ने के साथ शुल्क भी बढ़ता जाता है. इसी तरह वजन बढ़ने पर अलग स्लैब लागू होता है.

फ्रिज भेजने में कितना खर्च आ सकता है?
एक सामान्य घरेलू फ्रिज का वजन लगभग 40 से 70 किलोग्राम के बीच होता है. यदि 60 किलो वजन वाला फ्रिज 500 से 700 किलोमीटर दूर भेजना हो, तो पार्सल शुल्क कुछ सौ रुपये से लेकर करीब 1,000 रुपये या उससे अधिक तक हो सकता है. हालांकि अंतिम शुल्क रेलवे के मौजूदा रेट, पैकिंग और अन्य चार्ज पर निर्भर करता है.

एसी भेजने का खर्च कितना होगा?
स्प्लिट एसी का वजन आमतौर पर 30 से 50 किलोग्राम के बीच होता है. यदि एसी को दूसरे शहर भेजा जाता है, तो उसका किराया वजन और दूरी के अनुसार तय किया जाएगा. छोटे शहरों के बीच भेजने पर खर्च कम हो सकता है, जबकि लंबी दूरी पर शुल्क बढ़ जाता है.

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किन बातों का रखें ध्यान?
सामन भेजते समय ये ध्यान रखें कि सामान मजबूत पैकिंग में हो. कांच या नाजुक हिस्सों को अतिरिक्त सुरक्षा दें. पार्सल रसीद संभालकर रखें. डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति की जानकारी सही दें. कुछ स्टेशनों पर पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होती है.

क्या रेलवे से भेजना फायदेमंद है?
यदि आपको भारी घरेलू सामान कम खर्च में दूसरे शहर पहुंचाना है, तो रेलवे पार्सल सेवा एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. खासकर फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन और अन्य बड़े उपकरणों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जाती है. हालांकि बुकिंग से पहले संबंधित रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय से नवीनतम दरों और नियमों की जानकारी जरूर ले लें, क्योंकि समय-समय पर शुल्क में बदलाव हो सकता है. फ्रिज, एसी और अन्य बड़े घरेलू उपकरण भारतीय रेलवे के जरिए दूसरे शहर भेजे जा सकते हैं. इसके लिए सामान की पैकिंग, वजन और दूरी के आधार पर शुल्क लिया जाता है. सही तैयारी के साथ रेलवे पार्सल सेवा घर बदलने वालों के लिए किफायती और सुविधाजनक विकल्प बन सकती है.

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