सुष्मिता देव ममता बनर्जी के खुले समर्थनकर्ताओं में से एक थीं और उन्होंने कभी भी बागी स्वर में नहीं रही. उनकी नाराजगी या रोष न तो अभिषेक बनर्जी के खिलाफ था और न ही ममता बनर्जी के खिलाफ. इसके बावजूद उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया, यह सवाल लोगों के लिए है.