जहां ज्यादा दीमक लगी होती है... उसके नीचे होता है सोना?

ऑस्ट्रेलिया में किए गए शोध में वैज्ञानिक Aaron Stewart और उनकी टीम ने दीमक के टीले की मिट्टी का विश्लेषण किया और पाया कि जिन क्षेत्रों में जमीन के नीचे सोना मौजूद था, वहां टर्माइट घोंसलों में भी उसके संकेत मिले.

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दीमक किसी इलाके में जमीन के नीचे छिपे खनिजों का संकेत दे सकती हैं. ( Photo: Pexels) दीमक किसी इलाके में जमीन के नीचे छिपे खनिजों का संकेत दे सकती हैं. ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:47 AM IST

कई बार लोगों ने सुना होगा कि दीमक के टीले के आसपास जमीन के नीचे सोना हो सकता है. पहले यह बात सिर्फ एक अनुमान या लोककथा मानी जाती थी, लेकिन अब कुछ रिसर्च ने इस बात को लेकर दिलचस्प जानकारी दी है. National Geographic की रिपोर्ट के अनुसार,  वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में पाया कि कुछ इलाकों में दीमक अपने घोंसले बनाते समय जमीन के अंदर से मिट्टी और छोटे-छोटे कण निकालकर ऊपर लाती हैं. इस मिट्टी में कभी-कभी सोने के बहुत छोटे कण भी मिल सकते हैं. इसी वजह से वैज्ञानिक मानते हैं कि दीमक किसी इलाके में जमीन के नीचे छिपे खनिजों का संकेत दे सकती हैं.

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ऑस्ट्रेलिया में किया गया था रिसर्च
यह रिसर्च ऑस्ट्रेलिया में किया गया था. वहां के वैज्ञानिक Aaron Stewart और उनकी टीम ने CSIRO के साथ मिलकर दीमक के घोंसलों का स्टडी किया. उन्होंने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कई टर्माइट टीलों से मिट्टी के नमूने लिए और उनकी तुलना आसपास की जमीन की मिट्टी से की. साइंटिस्ट ने इन नमूनों की जांच एक खास मशीन मास स्पेक्ट्रोमीटर से की, जो किसी पदार्थ की रासायनिक संरचना (Chemical Structure) का पता लगाती हैं.

सोना ढूंढना काफी मुश्किल और महंगा
जांच में पाया गया कि जिन इलाकों में जमीन के नीचे सोना मौजूद था, वहां दीमक के टीले की मिट्टी में भी सोने के सूक्ष्म कण पाए गए. इसका मतलब यह हुआ कि दीमक जब जमीन के अंदर से मिट्टी निकालती हैं, तो उसके साथ सोने के बहुत छोटे कण भी ऊपर आ सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के बड़े भंडार अक्सर जमीन के कई मीटर नीचे छिपे होते हैं और उन्हें ढूंढना काफी मुश्किल और महंगा होता है. इसके लिए कंपनियों को कई जगह ड्रिलिंग करनी पड़ती है, जिसमें बहुत खर्च आता है.

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दीमक के शरीर में भी जमा होती हैं धातुएं
ऐसे में अगर दीमक के टीले की मिट्टी का विश्लेषण किया जाए, तो यह संकेत मिल सकता है कि किस इलाके में सोने की संभावना ज्यादा है. इससे खनन कंपनियों को खोज का क्षेत्र छोटा करने में मदद मिल सकती है और खर्च भी कम हो सकता है. एक अन्य स्टडी में वैज्ञानिकों ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि क्या दीमक अपने शरीर में भी धातुएं जमा करती हैं. कुछ कीड़ों के शरीर में जिंक या मैग्नीशियम जैसे धातु पाए जाते हैं, जो उनके शरीर के हिस्सों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. लेकिन कीड़े उन धातुओं को भी बाहर निकाल देते हैं जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती या जो उनके लिए हानिकारक होती हैं.

घोंसले खनिजों के बारे में देते हैं सकते
रिसर्च में यह भी पाया गया कि दीमक के शरीर में मौजूद उत्सर्जन प्रणाली (एक्सक्रेटरी सिस्टम) धातुओं को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. दीमक अपने शरीर से धातुओं को छोटे-छोटे कणों के रूप में बाहर निकाल सकती हैं. यही कारण है कि उनके घोंसलों और आसपास की मिट्टी में अलग-अलग धातुओं के कण मिल सकते हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका मतलब यह नहीं है कि हर दीमक के टीले के नीचे सोना होगा. लेकिन दीमक के घोंसले जमीन के नीचे मौजूद खनिजों के बारे में संकेत जरूर दे सकते हैं. इसलिए भविष्य में खनिज खोजने के काम में दीमक के टीलों का अध्ययन एक उपयोगी तरीका बन सकता है.

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