उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना, पेपर लीक और नकल रोकना उनकी प्राथमिकता में रहा है. इसलिए उनकी सरकार नकल के खिलाफ एक सख्त कानून लेकर आई. इसमें हमने आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया. इसका असर हुआ कि 30 हजार लोगों को नियुक्तियां मिली है.
आजतक पर आयोजित कार्यक्रम विकसित उत्तराखंड में सीएम धामी ने कहा कि इस कानून की वजह से 100 से अधिक नकल माफिया जेल में हैं. पहले नकल यहां उद्योग बन गया था. नकल का कानून पूरे देश के लिए उदाहरण बन गया.
सीएम ने कहा कि हमने 12000 एकड़ अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराया है. सीएम ने कहा कि सतत विकास में उत्तराखंड का नाम पूरे देश में अव्वल है. प्रति व्यक्ति आय 27 गुना बढ़ी है. सीएम ने कहा कि हमारा बजट एक लाख करोड़ को पार कर गया है.
सीएम ने पेपर लीक की सीबीआई जांच पर कहा कि राज्य में एक प्रतियोगी परीक्षा 11 बजे शुरू हुई और 11 बजकर 35 मिनट पर खालिद नाम के व्यक्ति ने कहीं पर जाकर पेपर की फोटो खींच ली. बाहर आकर वह अपनी बहन को व्हाट्सएप कर देता है. बहन एक प्रोफेसर को कर देती है, प्रोफेसर किसी ओर भेज देती है.एक बजे के आस-पास प्रश्नपत्र वायरल हो जाता है. ये साजिश के तहत होता है, लेकिन पूरा पेपर नहीं आता है. ये पेपर लीक नहीं था, नकल का मामला था. चीटिंग का मामला था.
इसके बाद लोग सक्रिय हो गए, अर्बन नक्सल सक्रिय हो गए. टूलकिट सक्रिय हो गए. लगने लगा नेपाल के बाद यहीं जेन-जी आ गए. हमारे लिए चुनौती पूर्ण समय था. हमने समझाने की कोशिश की.
सीएम ने कहा कि बच्चे धरने पर बैठे थे, सीएम ने कहा कि एक दिन वे बिना किसी को बताए हुए वहां पहुंच गए. वो धरने पर बैठे थे, हम वहीं पहुंच गए. सीएम ने कहा कि उन्होंने छात्रों से उनकी मांगे सुनी. छात्रों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की, पेपर रद्द करने की मांग की. इसके अलावा कुछ और मांगें थीं. सीएम ने वहीं सीबीआई जांच की घोषणा कर दी.
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अंकिता भंडारी केस में सीएम धामी ने कहा कि 2022 में ये दु्र्भाग्यपूर्ण घटना होती है और तत्काल कार्रवाई होती है, तीन आरोपी गिरफ्तार होते हैं. महिला आईपीएस के नेतृत्व में SIT बनाई जाती है, जांच के बाद कोर्ट में बहस हुई. हाई कोर्ट ने कहा कि SIT की टीम ठीक जांच कर रही है. इसके बाद एक ऑडियो आई, दो लोग बात करते हैं, कुछ नाम लेते हैं, उनके पास कोई सबूत नहीं निकला. हमने जांच कराई. जिन लोगों को राजनीतिक जमीन समाप्त हो चुकी है वे लोग इसके जरिये अपनी जमीन खोजना चाहते हैं. उन्होंने फिर से उथल-पुथल मचाना शुरू कर दिया. एक नेशनल पार्टी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पूरा माहौल बनाया गया. ये सब मामला आगे बढ़ा तो मैंने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा परेशानी तो उन्हें हुई जिनकी बेटी गई है. मैंने कहा उनके माता पिता से बात करूंगा और वे जो जांच चाहेंगे वो जांच के लिए सरकार तैयार हैं. मैंने उनसे बात की. उन्होंने कहा कि यहां तक की जांच हो गई है, उन्होंने कुछ बिंदू दिए और कहा कि आप इन पर आगे की जांच करवाई. उन्होंने आवेदन दिया. तो मैंने सीबीआई जांच के लिए रेफर कर दिया. अब जांच हो रही है और दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा.
देहरादून में रोडरेज में एक ब्रिगेडियर की एक मौत पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी घटना हुई है. लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद कार्रवाई क्या होती है, कैसी होती. ये अहम है. उन्होंने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार सभी लोगों को खोजकर निकाला जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. सारे मुद्दे हमने गिन-गिनकर समाप्त कर दिए. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पिछले चार सालों में जो भी चुनाव हुए हैं, चाहे वो ब्लॉक लेवल का हो, ग्राम स्तर का हो या फिर उप चुनाव हो, सभी चुनाव में जनता ने बीजेपी को आशीर्वाद दिया है.
उत्तराखंड में कुछ नेताओं द्वारा कांग्रेस ज्वाइन करने पर सीएम धामी ने कहा कि इनमें से कोई भी नेता बीजेपी में नहीं था. ये गलत सूचना है कि बीजेपी के दिग्गज नेता पार्टी छोड़कर चले गए. इन नेताओं को बीजेपी का कहकर कैसे प्रचारित किया गया, ये बड़ा सवाल है. सीएम धामी ने कहा कि ये बीजेपी से चुनाव नहीं लड़े थे.
राज्य में शराब की समस्या पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब शराब की दुकानों को लेकर कहीं से भी लोगों का विरोध होता है, तो वहां शराब की दुकानें नहीं खोली जाती है. उन्होंने कहा कि सिर्फ रेवन्यू बढ़ाने के लिए शराब की दुकान नहीं खोली जाती है. उन्होंने कहा कि तय प्रक्रियाओं के आधार पर ही शराब की नई दुकानें खुलती हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 2 लाख 65 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं. राज्य में जितने महिला स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं वो बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. उनके प्रोडक्ट एमएनसी कंपनियों को टक्कर देते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के कार्यक्रमों की वजह से महिलाओं का जीवन आसान हुआ है.
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