हल्द्वानी हिंसा मामले में 25 और गिरफ्तार, पुलिस स्टेशन से लूटा गया गोला-बारूद भी बरामद

हल्द्वानी हिंसा मामले में पिछले 24 घंटों में 25 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद मीना ने ये जानकारी दी है. इनमें से अधिकतर गिरफ़्तारियां नैनीताल जिले की सीमा के भीतर से की गई हैं. एसएसपी ने कहा कि आरोपियों के पास से कथित तौर पर बनभूलपुरा पुलिस स्टेशन से लूटा गया गोला-बारूद भी बरामद किया गया है.

Advertisement
गश्त करते जवान गश्त करते जवान

अंकित शर्मा

  • हलद्वानी,
  • 11 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 8:16 AM IST

उत्तराखंड के हल्द्वानी हिंसा मामले में पिछले 24 घंटों में 25 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. नैनीताल के एसएसपी प्रह्लाद मीना ने ये जानकारी दी है. इनमें से अधिकतर गिरफ़्तारियां नैनीताल जिले की सीमा के भीतर से की गई हैं. एसएसपी ने कहा कि आरोपियों के पास से कथित तौर पर बनभूलपुरा पुलिस स्टेशन से लूटा गया गोला-बारूद भी बरामद किया गया है. गिरफ्तार अपराधियो में जुनैद, गुलजार अहमद, अहमद हसन, शाहरूख, अरजना, रिहान जैसे नाम शामिल हैं. गिरफ्तारियों से मिले अवैध हथियार और कारतूसों की संख्या के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस ने सक्रिय जाँच और शीघ्र कार्रवाई के लिए विभिन्न टीमें गठित की हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के हलद्वानी में करीब 50 हजार लोगों के आशियाने पर बुलडोजर चलने का खतरा

यह पूछे जाने पर कि क्या गिरफ्तारियों में मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की गिरफ्तारी भी शामिल है, एसएसपी ने कहा कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मलिक ने कथित तौर पर अवैध ढांचे का निर्माण किया था, जिसके विध्वंस से शहर में हिंसा भड़क गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और पुलिस और मीडिया कर्मियों सहित 100 से अधिक घायल हो गए. एसएसपी ने बताया कि 25 और लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 30 हो गई है.

खुद को मलिक का बगीचा का मालिक बताने वाले अब्दुल को लेकर कहा जाता है की 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर इसने ज़मीने बेच दी. इंटेल रिपोर्ट के मुताबिक अतिक्रमण की करवाई से पहले अब्दुल ने बलवे की तैयारी कर ली थी. इसके साथ ही पुलिस घर घर उपद्रवियों की तलाश कर रही है, थाना बनभूलपुरा को पुनः स्थापित कर लिया गया है. संदिग्ध इमारतों की कुंडली खंगाली जारी है. ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे चप्पे पर नज़र है.

Advertisement

कर्फ्यू में मिलेगी राहत
प्रशासन ने सूचना जारी की है की सोमवार से कर्फ्यू केवल बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में ही लागू होगा. बाकी सभी क्षेत्रों में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र कल से खुले रहेंगे. इसके साथ ज़रूरी सेवा सुचारू रहेंगी. इंटरनेट की बहाली धीरे धीरे हो रही है. नैनीताल बरेली हाईवे भी खोला गया. 

इसके साथ प्रशासन भी ज़रूरी चीजों को घर घर पहुचाने की कोशिश कर रहा है.  प्रशासन की ताजा अपडेट के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में लगभग 7 हज़ार लीटर दूध, 2 गाड़ी राशन, 2 ट्रक सब्ज़ी, और दो गैस गाड़ियों की आपूर्ति हुई. इनमें से एक गाड़ी भारतीय गैस की और दूसरी इंडेन गैस की थी, जिससे कुल 200 सिलेंडर की आपूर्ति हो पाई. साथ ही, जिन क्षेत्रों में बिजली और पेयजल की कमी थी, उन्हें भी सुधारा गया. इस सूचना की पुष्टि जोनल मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेयी ने की है.

सुधरेंगे हालात, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
प्रशासन का कहना है की पुलिस और मीडिया के संयुक्त प्रयासों से जन सुरक्षा में सुधार हो रहा है और मामले की अगली कार्रवाई की जा रही है. इस कड़ी कार्रवाई से बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है और लोगों में विश्वास बढ़ाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए गए हैं.

Advertisement

CAPF की 4 कंपनी की तैनाती
कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश को देखते हुए शनिवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गृह मंत्रलाय को पत्र लिखकर 4 सीएपीएफ की कंपनी को बनभूलपुरा में तैनाती के लिए आग्रह किया था. जिसके बाद आज 4 कंपनी सीआरपीएफ आज बनभूलपूरा में तैनात की गई.

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के हलद्वानी में करीब 50 हजार लोगों के आशियाने पर बुलडोजर चलने का खतरा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंसा में शामिल लोगों से सख्ती से निपटने की बात कही है. मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'हल्द्वानी हिंसा में शामिल दंगाइयों और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. एक के बाद एक सभी दंगाइयों को गिरफ्तार किया जा रहा है. राज्य में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं रुकेगा.'

हिंसा की तैयारी पहले से थी
हल्द्वानी में अवैध मदरसा और धार्मिक स्थल को हटाए जाने को लेकर जो हिंसा हुई उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. देवभूमि को पहले ही झुलसाने की तैयारी कर ली गई थी और इसकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट भी स्थानीय प्रशासन को दी गई थी. बनभूलपूरा हिंसा से एक हफ्ते पहले इंटेलिजेंस ने प्रशासन को अलर्ट रिपोर्ट दिया था जिसमें कहा गया था कि मस्जिद और मदरसे को हटाने की कार्रवाई को लेकर अब्दुल मालिक के साथ मुस्लिम संगठन और कट्टरपंथी लोग विरोध कर सकते हैं. इंटेलिजेंस ने प्रशासन को अब्दुल मलिक द्वारा बनभूलपुरा विवादित स्थल पर विरोध प्रदर्शन के बारे में सूचित किया था. मलिक बागीचा के स्वामित्व का दावा करता है और इसी इलाके में अवैध निर्माण को हटाया जाना था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »