देहरादून पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना को गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को एक प्रमुख कांग्रेस नेता का निजी सचिव बताकर नेताओं और जनप्रतिनिधियों से ठगी करता था. इस कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरव कुमार उर्फ कनिष्क सिंह के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार उसने देहरादून की महिला नेता भावना पांडे को उत्तराखंड में सर्वे कराने और पार्टी में अहम पद दिलाने का झांसा दिया. इस बहाने आरोपी ने उनसे करीब 25 लाख रुपये ठग लिए. आरोपी ने अपने एक साथी को जाखन स्थित आवास पर भेजकर नकदी मंगवाई और उसके बाद फोन बंद कर फरार हो गया.
उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी करता था ठगी
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. कई दिनों की मेहनत के बाद पुलिस ने उसे जाखन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह गूगल और विभिन्न राजनीतिक वेबसाइटों से बड़े नेताओं और उनके करीबियों की जानकारी जुटाता था. इसके बाद वह खुद को प्रभावशाली लोगों का करीबी बताकर उनसे संपर्क करता और अपने रसूख का झूठा दावा करते हुए ठगी को अंजाम देता था.
पुलिस के अनुसार आरोपी का नेटवर्क उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है. उसने राजस्थान में दो नेताओं को टिकट दिलाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी की, जबकि बिहार में भी एक नेता से पद दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के उत्तराखंड में कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं से संपर्क थे, जिससे वह लोगों का विश्वास आसानी से जीत लेता था.
अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक डोंगल बरामद किया है. इन उपकरणों की जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के अन्य मामलों का खुलासा हो सके. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में कई और लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है.
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हुई है.
अंकित शर्मा