उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब विभाग के निदेशक अजय कुमार नौडियाल के दफ्तर में बीजेपी विधायक के समर्थक कार्यालय में घुस गए और अधिकारी की पिटाई कर दी. इस मामले में पुलिस ने बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. बीएनएस की धाराएं 121(1), 191(2), 324(3), 351(3) और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है.
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश सिंह रावत ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि चाहे वे जनता के सवालों को लेकर कितने ही नाराज क्यों न हों, उन्हें सरकारी कर्मचारियों की मर्यादा और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए. यदि कोई बात नहीं सुन रहा है तो कई लोकतांत्रिक विकल्प उपलब्ध होते हैं. धरना दिया जा सकता है, प्रदर्शन किया जा सकता है, मंत्री या मुख्यमंत्री से मिला जा सकता है और विधानसभा में मुद्दा उठाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि दबाव बनाने के कई तरीके हैं, लेकिन किसी के साथ मारपीट करना और हिंसा पर उतर आना उचित नहीं है. इस घटना में खून बहता हुआ देखा गया, जो बेहद चिंताजनक है. भले ही टांके साधारण लगे हों, लेकिन खून निकलना गंभीर बात है.
आरोपों पर उन्होंने कहा कि क्या योजना थी और क्या नहीं, यह कानून और पुलिस देखेगी. लेकिन जो बाहर से दिखाई दे रहा है, वह यही है कि जो लोग मिलने गए थे, वे असंतुष्ट और क्रोधित थे. किस बात पर क्रोधित थे, यह अलग विषय है, लेकिन क्रोध में किसी पर घातक हमला करना चिंता का विषय है.
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निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने क्या कहा?
शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने बताया कि जो घटना हुई, उसका कारण एक स्कूल के नाम परिवर्तन से जुड़ा मामला था. उन्होंने कहा कि संबंधित प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया था और उन्होंने साफ किया था कि जब तक शासन स्तर से नाम परिवर्तन की स्वीकृति नहीं आएगी, तब तक नाम नहीं बदला जा सकता.
उन्होंने बताया कि यह मामला रायपुर ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय से संबंधित था. उनके अनुसार, क्षेत्रीय विधायक काऊ जी करीब 20-25 लोगों के साथ कार्यालय पहुंचे थे.
नौडियाल ने कहा कि उन्हें आंख के पास चोट लगी है और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग आए थे, वे शुरुआत से ही गाली-गलौज करते हुए अंदर आए. उनके अनुसार, कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया और अंदर से कुंडी लगा दी गई. उस समय विधायक जी और उनके साथ आए करीब 20-25 लोग कमरे के अंदर मौजूद थे.
अंकित शर्मा