उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक समुदाय विशेष के व्यक्ति मोहम्मद शोएब की दुकान का नाम 'बाबा' रखने पर बजरंग दल ने कड़ा विरोध जताया था. यह विवाद लगभग ढाई महीने पहले शुरू हुआ था, जब संगठन ने इसे सिद्धबली बाबा मंदिर से जोड़कर नाम बदलने का दबाव बनाया. 28 जनवरी और 31 जनवरी को दुकान के बाहर हिंसक झड़प और विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें जिम मालिक दीपक चंद और कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट भी हुई. स्थिति बिगड़ने पर एएसपी चंद्र मोहन सिंह और एसडीएम ने दोनों पक्षों से बातचीत की. आखिरकार शनिवार को पुलिस ने मामला सुलझा लिया और रविवार को भी शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला गया.
नाम को लेकर शुरू हुआ था टकराव
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विवाद की जड़ पटेल मार्ग पर स्थित कपड़ों की दुकान का नाम था. बजरंग दल का आरोप था कि 'बाबा' नाम हनुमान मंदिर 'सिद्धबली बाबा' की धार्मिक भावनाओं से मेल खाता है. दुकानदार शोएब ने पहले नई जगह शिफ्ट होने पर नाम बदलने का आश्वासन दिया था, लेकिन नई जगह पर भी वही नाम रहने से संगठन भड़क गया.
31 जनवरी को देहरादून और हरिद्वार से आए कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया और जिम मालिक दीपक चंद की गिरफ्तारी की मांग की, जिन्होंने इंटरनेट पर विवादित कंटेंट पोस्ट किया था.
पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा संकट
हालात बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गय. पुलिस ने दीपक चंद को मौके पर बुलाकर उनसे विवादित पोस्ट हटवाया, जिससे प्रदर्शनकारी शांत हुए. एएसपी चंद्र मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि अब दुकान का नाम 'बाबा' ही रहेगा और बजरंग दल कोई विरोध नहीं करेगा. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिजनौर से सटे कौरिया बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि अवांछित तत्व माहौल खराब न कर सकें. पुलिस लगातार संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर रही है.
शांति और भाईचारे की अपील
प्रशासन ने शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में फ्लैग मार्च निकालकर नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है. एसडीएम चतर सिंह चौहान और एएसपी ने कार्यकर्ताओं को समझाकर मालवीय पार्क के पास चल रहा धरना खत्म कराया. पुलिस का कहना है कि कोटद्वार में सुरक्षा और आपसी सद्भाव सर्वोपरि है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं ताकि दोबारा ऐसी नौबत न आए.
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