उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यात्रा का शुभारंभ होगा. यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. इसी के तहत 6 मार्च से यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
पंजीकरण शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में आवेदन करना शुरू कर दिया. पहले ही दिन शाम 5 बजे तक कुल 1 लाख 23 हजार 788 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया. शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष भी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
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धामवार पंजीकरण के आंकड़े
पहले दिन के पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग धामों के लिए श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है. आंकड़ों के मुताबिक यमुनोत्री धाम के लिए 22 हजार 280 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है.
वहीं, गंगोत्री धाम के लिए 22 हजार 702 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है. केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 42 हजार 311 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण किया, जबकि बद्रीनाथ धाम के लिए 36 हजार 495 श्रद्धालुओं ने अपना नाम दर्ज कराया है. इन आंकड़ों से यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है.
ऑनलाइन माध्यम से हो रहा पंजीकरण
चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट और टूरिस्ट केयर ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है.
साथ ही जानकारी दी गई है कि वेबसाइट या ऐप के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है. हालांकि, व्हाट्सएप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में कुछ खामियां भी सामने आई हैं, जिन्हें आजतक ने उजागर किया है.
ऑफलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था की गई है. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 50 काउंटर बनाए गए हैं.
इनमें से 30 काउंटर ऋषिकेश में और 20 काउंटर विकासनगर में स्थापित किए गए हैं. ये काउंटर 24 घंटे संचालित होंगे और कपाट खुलने से दो दिन पहले यानी 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण शुरू किया जाएगा.
यात्रा मार्गों पर सुविधाओं की तैयारी
यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए यात्रा मार्गों पर पेयजल, सार्वजनिक शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही मुख्य और वैकल्पिक सड़कों की मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं.
परिवहन व्यवस्था के तहत इस बार चारधाम यात्रा के दौरान 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रखी जाएंगी ताकि जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके.
इन तिथियों पर खुलेंगे चारों धाम के कपाट
परंपरा के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे. इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुलेंगे.
वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे. प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.
अंकित शर्मा