चारधाम यात्रा के दौरान अब मंदिर में नहीं बना सकेंगे रील... मोबाइल-फोन और कैमरों पर लगाया गया प्रतिबंध

चार धाम यात्रा के दौरान अब मंदिर परिसरों में मोबाइल-फोन और कैमरों पर रोक रहेगी. दर्शन करने से पहले ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का फोन जमा करा लिया जाएगा.

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मोबाइल-फोन को लेकर प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला. (File Photo: ITG) मोबाइल-फोन को लेकर प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • गढ़वाल,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. एक एजेंसी के मुताबिक संबंधित जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सीनियर पुलिस सुपरिटेंडेंट और विभागीय अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग करने के बाद गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने पत्रकारों को बताया कि मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों की अनुमति देने से दर्शन में कई समस्याएं आ रही थीं. 

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अब ऐसे फोटो ले सकेंगे श्रद्धालु

इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन लगाने का फैसला किया गया है. पांडे ने कहा कि राज्य की चार धाम यात्रा एक पवित्र तीर्थयात्रा है. जहां लोग भक्ति भाव से आते हैं. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल फोन और कैमरे जमा करने होंगे. 

यह भी पढ़ें: 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने की चार धाम यात्रा, केदारनाथ पहुंचे सबसे ज्यादा श्रद्धालु

मंदिर से बाहर निकलने के बाद वे मंदिर को बैकग्राउंड में रखकर अपनी तस्वीरें और वीडियो ले सकते हैं. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को निर्देश दिया गया है कि वह श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन और कैमरों की सुरक्षित रखने के लिए मंदिर परिसरों में अलग से व्यवस्था सुनिश्चित करें. 

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पिछले साल 50 लाख श्रद्धालुओं ने किया था दर्शन

कमिश्नर ने कहा कि पिछले तीर्थयात्रा सीजन के दौरान राज्य के चार धामों – गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में 50 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. इस साल तीर्थयात्रा को और भी सुचारू और आसान बनाने के प्रयास किए जाएंगे. 

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