यूपी के अस्पतालों में कोरोना मरीज अब सीधे होंगे भर्ती, CMO के रेफरल लेटर की जरूरत खत्म

योगी सरकार ने सर्कुलर जारी किया है जिसके मुताबिक, अब उत्तर प्रदेश में निजी अस्पताल सीधे कोविड-19 मरीजों को एडमिट कर सकेंगे सिर्फ सरकारी अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज में सीएमओ सिस्टम चलेगा. यानी निजी अस्पताल अब कोरोना मरीजों को सीधे भर्ती कर सकेंगे. 

Advertisement
अस्पताल की सांकेतिक फ़ोटो अस्पताल की सांकेतिक फ़ोटो

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ ,
  • 22 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 12:35 AM IST
  • यूपी में CMO के रेफरल लेटर की जरूरत खत्म
  • अस्पतालों में कोरोना मरीज अब सीधे होंगे भर्ती
  • सीएम योगी ने लिया फैसला

कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश में अस्पतालों में कोविड मरीजों की भर्ती के लिए सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) का रेफरल लेटर जरूरी है. ऐसे में इस जरूरत को समाप्त कर सीधे अस्पतालों को भर्ती करने की मांग उठ रही है. ऐसे में अब प्रदेश में कोविड मरीजों लिए बना सीएमओ के रेफरल लेटर लेने के सिस्टम को खत्म कर दिया गया है. 

Advertisement

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अहम मीटिंग की, जिसमें इस विषय पर भी चर्चा हुई. मीटिंग में फैसला लिया गया कि कोविड मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए सीएमओ के रेफरल लेटर लेने की जरूरत नहीं होगी. सरकार ने सर्कुलर जारी किया है जिसके मुताबिक, अब उत्तर प्रदेश में निजी अस्पताल सीधे कोविड-19 मरीजों को एडमिट कर सकेंगे सिर्फ सरकारी अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज में सीएमओ सिस्टम चलेगा. यानी निजी अस्पताल अब कोरोना मरीजों को सीधे भर्ती कर सकेंगे. 

सीएम योगी ने फैसला लिया कि अब सीएमओ के रेफरल लेटर की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकारी या सरकार के द्वारा अधिग्रहित अस्पतालों में अभी तक यह सिस्टम लागू था, जिसे हटाने पर आज मीटिंग में मंथन हुआ. इससे पहले राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मरीजों की भर्ती के लिए जरूरी सीएमओ के रेफरल लेटर की जरूरत को समाप्त कर सीधे अस्पतालों को भर्ती करने को कहा था.   

Advertisement

गौरतलब है कि बीते दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित चार जिले लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के डीएम और मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी. इस दौरान सीएम योगी ने ऑक्सीजन की कमी, कोरोना की दवाओं की कालाबाजारी समेत कई और मुद्दों से निपटने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे.

उधर यूपी में कोरोना के कहर के चलते नोएडा, गाजियाबाद समेत कई जगहों पर ऑक्सीजन की कमी है. गुरुवार को पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 34,379 नए केस सामने आए, जबकि 195 लोगों की मौत हो गई. राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा 5,239 कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आए. खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement