यूपी: बाल श्रमिकों के लिए योगी सरकार की नई योजना, मिलेगी 6 हजार की आर्थिक मदद

उत्तर प्रदेश में बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत आठवीं, नौवीं और दसवीं में पढ़ने वाले गरीब तबके के छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में इस योजना की शुरुआत की है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो- PTI) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो- PTI)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 12 जून 2020,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST

  • बाल श्रमिकों को योजना के तहत आर्थिक मदद
  • पहले चरण में 57 जनपदों तक पहुंचेगी सहायता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल श्रमिक विद्या योजना की शुरुआत की है. इस योजना का लाभ 8 वर्ष से 18 वर्ष तक के उन बच्चों को मिलेगा जिन्हें पारिवारिक परिस्थितियों के चलते अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बाल श्रम करना पड़ता है.

सीएम योगी ने शुक्रवार को कहा, " 8 से 18 वर्ष तक के कुछ बच्चों को जिन्हें स्कूल में होना चाहिए लेकिन अपने पारिवारिक परिस्थितियों की वजह उन्हें अपने भरण-पोषण के लिए बाल श्रम करना पड़ता है, ऐसे बच्चों के लिए आज एक नई योजना 'बाल श्रमिक विद्या योजना' उत्तर प्रदेश में प्रारंभ की जा रही है.'

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उन्होंने कहा कि 'बाल श्रमिक विद्या योजना' में 8वीं, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान भी दिया गया है.

सीएम योगी ने कहा है कि इस योजना के पहले चरण में जिन 57 जनपदों में सर्वाधिक बाल श्रम से जुड़े हुए कामकाजी बच्चे रिकॉर्ड किए गए हैं, वहां पर 2,000 बच्चों का चयन करते हुए, बालकों को 1 हजार प्रतिमाह और बालिकाओं को 1,200 प्रतिमाह देने की व्यवस्था लागू की जा रही है.

'बाल श्रम है अभिशाप'

सीएम योगी ने बच्चों पर एक ट्वीट भी किया है. उन्होंने ट्वीट किया, 'प्रत्येक बच्चा असीम संभावनाओं का प्रकाश-पुंज है. इन संभावनाओं में राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आभा है. एक सभ्य समाज के रूप में इन संभावनाओं को यथार्थ में परिवर्तित होने हेतु अनुकूल अवसर उपलब्ध कराना हमारा कर्तव्य है. बाल श्रम एक अभिशाप है. आइए! इसके समूल नाश हेतु संकल्पित हों.'

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