UP: थाने के अंदर टीचर की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, चारों पुलिसकर्मी दोषी

तत्कालीन तिर्वा कोतवाली प्रभारी त्रिभुवन कुमार, हेड मोहर्रिर राधेश्याम, पहरेदार आरक्षी अरुण कुमार और मामले की विवेचना कर रहे विवेचक तत्कालीन सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विकास राय को दोषी पाया गया है.

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कन्नौज के तिर्वा कोतवाली का मामला कन्नौज के तिर्वा कोतवाली का मामला

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 23 जून 2022,
  • अपडेटेड 11:09 AM IST
  • तिर्वा कोतवाली में टीचर की हुई थी मौत
  • SIT जांच में चारों पुलिसकर्मी दोषी करार

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में कोतवाली के अंदर पुलिस हिरासत में शिक्षक की मौत के मामले में एसआईटी ने तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मियों को अपनी जांच में दोषी पाया है. चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसआईटी ने एफआईआर दर्ज की है. टीचर पर्वत सिंह की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी.

जानकारी के मुताबिक, जालौन के गिधौंसा के रहने वाले शिक्षक पर्वत सिंह 20 मार्च 2020 को तिर्वा कोतवाली के सुक्खापुर्वा गांव में ससुराल में रह रही पत्नी नीरज सिंह को बुलाने आए थे. रात को पत्नी और ससुराल वालों से उनका विवाद हो गया. इसके बाद पत्नी नीरज की शिकायत पर तिर्वा पुलिस ने शिक्षक पति को हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया था.

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सुबह करीब तीन बजे कोतवाली के शौचालय में फांसी के फंदे पर शिक्षक पर्वत सिंह का लटकता शव मिला था. मृतक के पिता श्रीराम ने बहु नीरज समेत 3 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस हिरासत में मौत के मामले में कोर्ट के माध्यम से जांच SIT को दे दी गई थी. 

इसके बाद SIT ने तत्कालीन तिर्वा कोतवाली प्रभारी त्रिभुवन कुमार, हेड मोहर्रिर राधेश्याम, पहरेदार आरक्षी अरुण कुमार और मामले की विवेचना कर रहे विवेचक तत्कालीन सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विकास राय के खिलाफ बगैर बिसरा रिपोर्ट के फाइनल रिपोर्ट लगाने पर एफआईआर दर्ज कराई थी.

एसआईटी ने तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मियों को अपनी जांच में दोषी पाया है. तत्कालीन तिर्वा कोतवाली प्रभारी त्रिभुवन कुमार, हेड मोहर्रिर राधेश्याम, पहरेदार आरक्षी अरुण कुमार और मामले की विवेचना कर रहे विवेचक तत्कालीन सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विकास राय को दोषी पाया गया है.

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