छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhatisgarh CM Bhupesh Baghel) यूपी चुनाव (UP elections) में कांग्रेस की ओर से पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उन्होंने रविवार वाराणसी के करौता में सरदार सेना की ओर से होने वाले जनहित संकल्प महारैली को संबोधित किया. वे यहां बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे.
मीडिया से बात करते हुए भूपेश बघेल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'गुजरात से एक व्यक्ति और निकले हैं जो लगातार लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं और लगातार जुमले भी दे रहे हैं. ऐसे में सरदार पटेल की धरती से जुमलों का एक सरदार भी निकला है. उनकी बातों से लोग परेशान हैं और उनको सबक भी सिखाना चाहते हैं. आने वाले यूपी चुनावों में निश्चित रूप से उन्हें सबक सिखाया जाएगा.'
उन्होंने कहा कि गांधी पटेल और नेहरू ने श्रम का सम्मान किया. मजदूर हो, जूता-चप्पल बनाने वाले लोग हों, चाहे बुनकर साथी हों, लेकिन आज मेहनतकश को पीछे धकेलने काम किया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश में चुनाव के मद्देनजर अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव के फ्री बिजली देने के वादे पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही 400 यूनिट दी जा रही हैं और यूपी में भी देने की बात कही.
'अभी तक टेनी को बर्खास्त क्यों नहीं किया?'
मेरठ में खेल विश्वविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर मोदी के भाषण के दौरान यह कहा जाना कि पहले वहां अवैध टूर्नामेंट हुआ करते थे, लेकिन अब सीएम योगी जेल जेल खेल रहे हैं के सवाल के जवाब में सीएम भूपेश ने कहा कि मोदी जी ने अभी तक टेनी को बर्खास्त क्यों नहीं किया है? अगर उनकी नजर में कानून को हाथ में लेने वाला अपराधी है, तो उनके बगल में टेनी क्यों खड़े होते हैं?
'कालीचरण संत नहीं, शैतान है'
मंच से महारैली को संबोधित करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने हाल ही में महात्मा गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण को गालीचरण कहकर बुलाया. वह संत नहीं शैतान है, क्योंकि इसके मुंह से सिर्फ गाली निकलती है. महात्मा गांधी के बारे में अनर्गल बाते कहे और गोडसे को महिमा मंडित करे, तो कैसे बर्दाश्त किया जा सकता था? वे कहीं भी छिप जाता, तो भी उसे छत्तीसगढ़ की पुलिस ढूंढ लाती और जेल के सलाखों के पीछे डाल देती.
'काशी विश्वनाथ को भी शाॅपिंग माॅल बना दिया'
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लोगों ने कहा कि प्रक्रिया गलत अपनाया है. प्रक्रिया तो ऊपर-नीचे होती रहती है, लेकिन पहले यह बताओ की कालीचरण ने महात्मा गांधी को गाली दी, तो उससे आप खुशी हैं या दुखी? लेकिन किसी की जुबान नहीं खुली. भाजपा गांधी जी और सरदार पटेल को भी अपनाना चाहते हैं. लेकिन यह वहीं सरदार हैं जिन्होंने RSS को प्रतिबंधित किया था और इन्हीं की मूर्ती भाजपा ने लगवाई. लेकिन आज उस मूर्ती को देखने का भी पैसा लगता है. उससे पैसा वसूली हो रही है. यह वे लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर बनाने के नाम पर जमीन बेचना शुरू कर दिया है. काशी विश्वनाथ को भी शाॅपिंग माॅल बना दिया है. सभी मूर्तियों को हटवा दिया है. इनका काम ही है, 'राम नाम जपना और पराया माल अपना'. लेकिन अंतर को समझने की जरूरत है.
रोशन जायसवाल