तकरीबन डेढ़ महीने से चल रहे समाजवादी पार्टी के झगड़े पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने चुप्पी तोड़ी है. पार्टी में मुसलमानों की नुमांइदगी करने वाले आजम खान ने बुधवार को बिना नाम लिए कहा है कि राज्य के मुसलमान गैर जिम्मेदार पार्टी के साथ नहीं जाना चाहते.
समाजवादी परिवार में चल रही तकरार के मद्देनजर ये बात खासी चर्चा में है कि राज्य में होने वाले में पार्टी को इस झगड़े का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. जिस पर खुद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने साफ कर दिया कि मुसलमान हारी हुई लड़ाई नहीं लड़ना चाहते. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि राज्य के मुस्लिम वोटर सेकुलर हिंदुओं के साथ चलना चाहते हैं.
आजम यहीं नहीं रुके उन्होंने ये भी कहा कि के मुसलमान राज्य में चल रहे सियासी घमासान से भी काफी परेशान हैं. आजम ने प्रेस नोट जारी कर समाजवादी पार्टी पर दबे अल्फाजों में निशाना साधा है.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी पार्टियों की नजर मुस्लिम वोट बैंक पर है. आजम ने सभी पार्टियों को चेताते हुए कहा कि कुछ पार्टियों ने मुस्लिम वोटों को अपनी जागीर समझ रखा है. मुसलमानों का बुद्धिजीवी वर्ग और खुद मुसलमान अपना भला बुरा समझते हैं. मुसलमान पानी का बुलबुला नहीं हैं और ना ही थाली का बैंगन हैं. जिसे कहीं भी लुढ़का दिया जाए.
लगता है जैसे ने बिना नाम लिए ही अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है. ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि ताजा राजनीतिक उथल पुथल के चलते समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यकों का समर्थन खोती जा रही है. जिसे आजम खान ने बुधवार को साफ कर दिया.
सबा नाज़