माता-पिता, निसंतान कपल और दो दलाल... डेढ़ लाख में एक महीने के बच्चे का सौदा, सन्न कर देगी ये कहानी

तेलंगाना के मेडक जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. पैसों की तंगी से जूझ रहे एक आदिवासी कपल ने अपने एक महीने के बेटे को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया. इस पूरे सौदे में दो दलालों ने माता-पिता और एक निसंतान दंपति के बीच संपर्क कराया. फिलहाल, पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया है.

Advertisement
माता-पिता ने डेढ़ लाख में किया मासूम का सौदा. (Photo: Representational) माता-पिता ने डेढ़ लाख में किया मासूम का सौदा. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • हैदराबाद,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:24 AM IST

पैसों की तंगी में एक कपल ने ऐसा कृत्य कर डाला, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया. एक महीने का मासूम, जिसने अभी ठीक से दुनिया देखनी भी शुरू नहीं की थी, उसका सौदा डेढ़ लाख रुपये में कर दिया गया. इस सौदे में सिर्फ उसके माता-पिता ही नहीं, बल्कि एक निसंतान दंपति और दो दलाल भी शामिल थे.

यह चौंकाने वाली घटना तेलंगाना के मेडक जिले की है. एक आदिवासी कपल ने अपने एक महीने के बेटे को पैसों की तंगी के कारण बेच दिया. बच्चे को पाने की चाह में एक निसंतान दंपति ने भी इस सौदे के लिए हामी भर दी. दोनों पक्षों के बीच संपर्क कराने के लिए दो बिचौलिए यानी दलाल सामने आए और आखिरकार डेढ़ लाख रुपये में मासूम का सौदा तय हो गया.

Advertisement

एजेंसी के अनुसार, इस कहानी की शुरुआत 4 मार्च से होती है. उस दिन आदिवासी दंपति ने अपने नवजात बेटे को दो मध्यस्थों के जरिए एक निसंतान दंपति को बेच दिया. सब कुछ चुपचाप हुआ और किसी को भनक तक नहीं लगी.

यह भी पढ़ें: दिल्लीः पत्नी बीमार हुई तो पति ने 11 महीने के बच्चे को बेचा, 2 साल बाद मां से मिला

दरअसल, बच्चे की मां पहले नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र जाया करती थी, जहां उसे और उसके बच्चे को पोषण आहार मिलता था. अचानक जब उसने आंगनबाड़ी जाना बंद कर दिया तो वहां काम करने वाली महिला को शक हुआ. कुछ दिनों तक इंतजार करने के बाद जब वह महिला आंगनबाड़ी नहीं पहुंची, तो महिला ने उसके घर के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की.

जब आंगनबाड़ी वर्कर उस कपल के घर पहुंची तो घर पर ताला लगा मिला. आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो पता चला कि कपल कहीं चले गए हैं. यह बात आंगनबाड़ी वर्कर को और ज्यादा संदिग्ध लगी. उसने तुरंत इसकी सूचना आईसीडीएस (ICDS) के अधिकारियों को दे दी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: दिल्ली में बच्चा चोर गैंग की 4 महिलाएं गिरफ्तार, तीन साल के बच्चे को बेचने की कोशिश में थीं

मामला यहीं से धीरे-धीरे खुलने लगा. 9 मार्च को आईसीडीएस की एक अधिकारी की नजर उस कपल पर चेगुंटा बस स्टॉप के पास पड़ी. अधिकारी को पहले से ही शक था, इसलिए उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी.

पुलिस मौके पर पहुंची और कपल से पूछताछ शुरू की. शुरुआत में दोनों ने कुछ भी बताने से इनकार किया, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से सवाल किए तो पूरी कहानी सामने आ गई. कपल ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने एक महीने के बेटे को आर्थिक तंगी के कारण बेच दिया.

दलालों की मदद से किया गया सौदा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कपल ने बताया कि दो मध्यस्थों की मदद से उन्होंने अपने बच्चे को कामारेड्डी जिले के एक निसंतान कपल को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया. यह सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई.

इसके बाद पुलिस ने उन दोनों दलालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि बच्चे को उनके ही रिश्तेदारों को दिया गया है, जो कामारेड्डी जिले में रहते हैं और जिनकी कोई संतान नहीं है.

सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत कामारेड्डी जिले के लिए रवाना हुई. वहां पहुंचकर पुलिस ने उस निसंतान कपल के घर से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया.

Advertisement

पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस

बच्चे को उसकी मां के साथ सखी सेंटर भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है. इस मामले में पुलिस ने कुल छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इनमें बच्चे के माता-पिता, दो दलाल और वह निसंतान कपल शामिल हैं, जिन्होंने बच्चे को खरीदा था. पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में भी ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है. यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कहीं इस तरह के और सौदे तो नहीं हुए हैं या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे सौदे में दलाल भी सक्रिय थे, जिन्होंने एक मासूम की जिंदगी को पैसों के लेन-देन का जरिया बना दिया. फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement