वो 3 लोग जिन्हें मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्विटर पर सबसे पहले किया फॉलो

पर्सनल लॉ बोर्ड सिर्फ 7 ट्विटर अकाउंट को फॉलो कर रहा है, तो वहीं 6401 लोग उसे फॉलो कर रहे हैं. हालांकि बोर्ड जिन सात लोगों को फॉलो कर रहा है. उसमें तीन मीडिया संस्थान के ट्विटर अकांउट हैं तो चार मुस्लिम शख्सियत हैं.

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एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो) एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 12:29 PM IST

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सोशल मीडिया पर एंट्री की है. बदलते समय में इस्लामिक शरीयत को युवाओं और लोगों के बीच सक्रिय भूमिका अदा करने के लिए बोर्ड ने ये कदम बढ़ाया है. पर्सनल लॉ बोर्ड ने सोशल मीडिया के ट्विटर से लेकर फेसबुक, वाट्सएप और टेलीग्राम प्लेटफार्म पर आधिकारिक रूप से अपना अकाउंट बनाया है.

पर्सनल लॉ बोर्ड सिर्फ 7 ट्विटर अकाउंट को फॉलो कर रहा है, तो वहीं 6401 लोग उसे फॉलो कर रहे हैं. हालांकि बोर्ड जिन सात लोगों को फॉलो कर रहा है. उसमें तीन मीडिया संस्थान के ट्विटर अकांउट हैं तो चार मुस्लिम शख्सियत हैं.

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बोर्ड ने सबसे पहले डाक्टर यासिर नदीम के फॉलो किया है. डा. नदीम जो खुद के एक स्कॉलर, लेखक, टीचर और संपादक बताते हैं. इतना ही नहीं वो अपने आपको समाजिक न्याय के पैरोकार और रूढ़ीवासी सोच से अलग रखने वाला बताते हैं.

मुस्लिम मर्सनल लॉ ने दूसरा फॉलो मौलाना सलमान हुसैन नदवी को किया है. सलमान नदवी वही शख्सियत हैं जिन्होंने एक समय आतंकी सगंठन आईएसआईएस के सरगना अबूबकर बगदादी को एक पत्र लिखकर बधाई दी थी. इतना ही नहीं उन्होंने इराक में खिलाफत का समर्थन भी किया था. इसके बाद हुए विवाद के बाद उन्होंने इस बार सफाई दी थी. सलमान नदवी, मौलाना अली मियां के नाती हैं. लखनऊ के इस्लामिक संस्थान नदवा से भी जुड़े हुए हैं.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीसरे नंबर पर सांसद असदुद्दीन ओवैसी को फॉलो किया है. इतना ही बोर्ड ने अपने सभी ट्वीट को ओवैसी से रिट्वीट करने के लिए करने की गुजरिश की है. ओवैसी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से भी जुड़े हुए हैं. उन्होंने तीन तलाक के पक्ष में खुलकर मीडिया से लेकर संसद तक में अपनी बात रखी थी. इसके अलावा मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को भी उठाते हैं. ओवैसी के ट्विटर अकाउंट को तील लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं.

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बता दें कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पिछले दिनों लखनऊ में अपने सचिवों की बैठक की थी. इसी बैठक में तय हुआ था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सोशल मीडिया में अपनी अहम भूमिका अदा करनी चाहिए. बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी ने बकायदा इसकी स्वीकृति दी.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रेस रिलीज में कहा था कि सोशल मीडिया के जरिए इस्लामिक तालीम को आम करने और शरीयत की खूबियों को फैलाने की कोशिश है. बोर्ड के इस कदम से लोगों के सामने सही बातें सामने आएंगी और विरोधी अपनी साजिश से बेनकाब होंगे.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी की देखरेख में सोशल मीडिया पर बोर्ड सक्रिय है. बोर्ड ने देश भर के मुसलमानों से अपील की है कि वो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के ट्विटर,फेसबुक, वाट्सएप और टेलीग्राम आधिकारिक अकाउंट से जुड़ें.

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