1 घंटे चली टिलरसन-डोभाल की मुलाकात, भारत ने PAK प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाया

मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के साथ मुलाकात में टिलरसन ने द्विपक्षीय सहयोग और साझेदारी, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ाने और क्षेत्र में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की.

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सुषमा से मिले टिलरसन सुषमा से मिले टिलरसन

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन 3 दिवसीय भारत दौरे पर हैं. बुधवार को उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने भारत की जमकर तारीफ की और आतंकवाद को खत्म करने की बात फिर दोहराई.

डोवाल से एक घंटे तक चली मुलाकात

अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात की. करीब 1 घंटे तक चली बैठक में में दोनों नेताओं ने आतंकवाद पर चर्चा की. भारत ने अफगानिस्तान और भारत में पाकिस्तान की मदद से आतंकवादी घटनाओं का मुद्दा उठाया.

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भारत ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए मददगार बना हुआ है. अमेरिका ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह इन मुद्दों पर पाकिस्तान से भी बातचीत करेगा. भारत और अमेरिका आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ काम करेंगे. दोनों देश खुफिया जानकारियों को साझा भी करेंगे.

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी बात रखते हुए रेक्स टिलरसन ने सबसे पहले भारत और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया. उसके बाद टिलरसन ने कहा, "भारत और अमेरिका के बीच करीबी संबंध है. अमेरिका भारत के तीव्र विकास का समर्थन करता है. अमेरिका ने F 16 और F 18 के लिए अच्छा प्रस्ताव दिया है. अमेरिका की एशिया की नई नीति में भारत अहम रोल निभाएगा. आतंकवाद को अब और सहन नहीं किया जाएगा. आतंकवाद से लड़ने में अमेरिका भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा. भारत और अमेरिका अपने आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेंगे."

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आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई करे पाकिस्तान

संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सुषमा स्वराज ने कहा, "आतंकवाद पर हमारी विस्तृत चर्चा हुई. इसके साथ साउथ एशिया पॉलिसी और उसके क्रियान्वयन पर बातचीत का गई है. किसी भी देश को आतंकवाद को संरक्षण नहीं देना चाहिए. पाकिस्तान को आतंकवाद को संरक्षण देना बंद करना चाहिए.''

सुषमा बोलीं कि आतंकवाद पर राष्ट्रपति ट्रंप की नीति तभी सफल हो सकती है जब पाकिस्तान आतंकवादी समूहों पर कार्रवाई करेगा. भारत एक स्थिर, समृद्ध, लोकतांत्रिक अफगानिस्तान चाहता है. हमने एच 1 बी वीजा पर संयुक्त राज्य में काम करने वाले भारतीयों के महत्वपूर्ण योगदान पर भी चर्चा की."

भारत आने से पहले टिलरसन ने पाकिस्तान को सख्त शब्दों में हिदायत दी थी. उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व को सख्त शब्दों में कहा कि उन्हें देश में सक्रिय आतंकवादियों के खात्मे के लिए और प्रयास करने होंगे. टिलरसन मंगलवार रात को नई दिल्ली पहुंचे हैं. 

मंगलवार को पाकिस्तान के प् के साथ मुलाकात में टिलरसन ने द्विपक्षीय सहयोग और साझेदारी, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ाने और क्षेत्र में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की.

टिलरसन पिछले दो महीने में भारत आने वाले ट्रंप प्रशासन के दूसरे सर्वोच्च अधिकारी हैं. पिछले महीने अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भारत आये थे. टिलरसन की तीन दिन की भारत यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इसमें भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी.

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सुषमा और टिलरसन की बैठक में रक्षा, आतंकवाद निरोधक उपायों, सुरक्षा, ऊर्जा तथा व्यापार के रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर बातचीत हो सकती है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध रणनीतिक महत्व वाले हैं जो दक्षिण एशिया तक ही सीमित नहीं हैं.

पाकिस्तान को सख्त संदेश

पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि टिलरसन ने राष्ट्रपति ट्रंप के उसी संदेश को दोहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को अपनी धरती पर सक्रिय आतंकियों और उग्रवादियों के खात्मे के लिए प्रयास और बढ़ाने चाहिए.

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