वॉट्सऐप जासूसी विवाद: Pegasus बनाने वाली कंपनी को आजतक ने पेरिस में ढूंढ निकाला

बुधवार को जब वॉट्सऐप के द्वारा भारत सरकार को इस विवाद पर जवाब दिया गया, उसी दौरान इस पूरे विवाद के पीछे जिस कंपनी का हाथ उसका पता इंडिया टुडे की टीम ने लगाया.

Advertisement
पेरिस में मिले NSO ग्रुप के अधिकारी (फोटो: इंडिया टुडे) पेरिस में मिले NSO ग्रुप के अधिकारी (फोटो: इंडिया टुडे)

लवीना टंडन / अंकित कुमार

  • पेरिस,
  • 21 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

  • वॉट्सऐप जासूसी विवाद में बड़ा अपडेट
  • पेरिस में मौजूद हैं NSO ग्रुप के अधिकारी
  • आजतक के सवालों से बचते नजर आए प्रवक्ता

वॉट्सऐप जासूसी मामले ने भारत में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था. बुधवार को जब वॉट्सऐप के द्वारा भारत सरकार को इस विवाद पर जवाब दिया गया, उसी दौरान इस पूरे विवाद के पीछे जिस कंपनी का हाथ उसका पता इंडिया टुडे की टीम ने लगाया. इजरायल की साइबर टेक कंपनी NSO ग्रुप के कुछ अधिकारी फ्रांस के पेरिस में देखे गए, जिन्हें इंडिया टुडे ने ट्रैक किया.

Advertisement

बुधवार को ही इस मसले पर संसदीय कमेटी चर्चा कर रही थी और बैठक में इस मसले पर विवाद भी हुआ. मई के आसपास सामने आए इस विवाद में NSO ग्रुप के द्वारा Pegasus सॉफ्टवेयर के जरिए कई लोगों की जासूसी की गई, वॉट्सऐप ने भी माना है कि इसमें कुल 121 लोग शिकार हुए थे.

इंडिया टुडे की टीम NSO ग्रुप का पीछा करते हुई जब पेरिस पहुंची, तो कंपनी के अधिकारी पहली बार इस विवाद के बाद कैमरे पर दिखाई दिए. लेकिन जब हमारी टीम ने उनसे सवाल पूछा तो वह भागने लगे और किसी तरह का जवाब नहीं दिया.

बता दें कि जब से वॉट्सऐप जासूसी का मामला सामने आया है, उसी के बाद से NSO ग्रुप गायब चल रहा था और हर कोई उन्हें तलाश रहा था. लेकिन जब इंडिया टुडे की टीम ने उन्हें ट्रैक किया और इस मामले में सवाल दागे तो वह लगातार सवालों से पीछा छुड़ाते हुए नज़र आए.

Advertisement

पेरिस में क्या कर रही है NSO ग्रुप की टीम?

इजरायल की टेक कंपनी NSO इस वक्त पेरिस में अपनी किसी नई टेक्नॉलोजी के विषय में आए हुए हैं, उनका कहना है कि वह सीधे सरकार के संपर्क में हैं. इससे पहले भारत में जब विवाद हुआ था तब भी उन्होंने यही कहा था कि वह सिर्फ सरकारी एजेंसियों के लिए काम करते हैं.

क्यों शक के घेरे में है NSO ग्रुप?

आपको बता दें कि इजरायली कंपनी ने Pegasus सॉफ्टवेयर बनाया था, जिसके जरिए वॉट्सऐप चैट, मैसेज, वीडियो कॉल आदि को ट्रैक किया गया. इसके जरिए दुनियाभर में कुल 1400 लोगों को शिकार बनाया गया, इनमें 121 भारत के थे. इस विवाद के सामने आने के बाद भारत सरकार ने वॉट्सऐप से जवाब तलब किया था.

बुधवार को ही IT मंत्रालय ने संसद को बताया कि वॉट्सऐप ने इस मामले में सरकार को जवाब दे दिया है और खेद प्रकट किया है. बता दें कि इससे पहले अक्टूबर में जब वॉट्सऐप ने जवाब दिया था उसमें कहा था कि जिन 121 लोगों की जासूसी की गई है, वह सब लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ था. जिसमें पत्रकार, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता आदि को निशाना बनाया गया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement