बीफ के बाद मोमोज पर टेढ़ी नजर, बीजेपी नेता ने की बैन की मांग

मोमो भारत के युवाओं की पसंदीदा डिश है. आज आप कहीं भी घूमने, शापिंग करने या कहीं कुछ खरीदारी करने जाइए आप मोमोज के स्टाल अधिक देखेंगे बजाए इसके कि आप महान भारतीय समोसे को देखें.

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मोमो मोमो

संदीप कुमार सिंह

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  • 08 जून 2017,
  • अपडेटेड 5:51 PM IST

मोमो भारत के युवाओं की पसंदीदा डिश है. आज आप कहीं भी घूमने, शापिंग करने या कहीं कुछ खरीदारी करने जाइए आप मोमोज के स्टाल अधिक देखेंगे बजाए इसके कि आप महान भारतीय समोसे को देखें.

इसलिए, यह स्पष्ट है कि पार्टी जो खुद को हर चीज का संरक्षक मानती है, उसमें मोमो को भारत का वास्तविक राष्ट्रीय पकवान बनने की राह आसान होगी.

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जम्मू-कश्मीर से भाजपा एमएलसी, पार्टी और गौ रक्षा दल ,गोमांस विरोधी अभियानों और हत्याओं के बाद ऊंची उड़ान भरे हुए हैं इसके बाद अब उनकी नज़र मोमोस पर टिकी है जिसे वह प्रतिबंधित करना चाहते हैं.

भाजपा एमएलसी नेता रमेश अरोड़ा का मानना है कि मोमोज 'आंतों के कैंसर सहित जीवन को नुकसान पहुंचाने वाली कई बीमारियों का मूल कारण हैं.'

इसके कारण है मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) की मौजूदगी जो मुख्य रूप से एजिनोमोटो के रूप में जानी जाती है, यह खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले एक रासायनिक पदार्थ है जो कि स्वाद को बढ़ाने में काम आता है.

अरोड़ा ने आगे कहा कि दरअसल 'अजिनोमोटो, एक प्रकार का नमक है जिससे स्वाद का प्रतिशत कई गुना बढ़ जाता है परंतु यह कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है यह एक हल्का सिरदर्द और माइग्रेन को परिवर्तित करने के लिए जिम्मेदार है.'

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जबकि नेशनल हेराल्ड के मुताबिक, अरोड़ा 'बांग्लादेशी और बर्मीज़ सहित अनेक विदेशियों" से चिंतित है कि वे मोमो बनाने और बेचने के कारोबार में लगे हुए हैं, जिससे उनके अभियान में एक रूकावट बन रहा है.

अरोड़ा के अनुसार, मोमो न खाने के लिए उनके शुरू किए गए अभियान ने काम किया है जिससे मोमों की बिक्री 35 प्रतिशत कम कर दी है.

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