मुंबई 26/11 आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसे पाकिस्तान की ओर से मुंबई हमलों के सबूतों को लेकर कोई चिट्ठी नहीं मिली है.
विकास स्वरूप ने पाक की खोली पोल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया था कि उनके विदेश सचिव ने भारत के विदेश सचिव को खत लिखकर मुंबई हमले से जुड़े और सबूत मांगे हैं.' लेकिन शुक्रवार को स्वरूप ने पाकिस्तान की ओर से मुंबई हमले से जुड़े किसी तरह के खत मिलने से इनकार कर दिया.
24 गवाहों की लिस्ट मांगने की दलील
विकास स्वरूप ने कहा कि हमें मीडिया से सुनने को मिला है कि पाक को मुंबई हमलों के केस के ट्रायल के लिए 24 गवाहों की लिस्ट चाहिए. लेकिन हमें ऐसा कोई भी खत नहीं मिला. जिसमें इसकी मांग की गई हो. साल 2008 में हुए इस आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी और 6 अन्य लोग आरोपी हैं.
खत कब लिखा गया इसका जिक्र नहीं
दरअसल पाकिस्तान ने गुरुवार को भारत से 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में और सबूत मांगने की दलील दी थी. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने कहा कि विदेश सचिव ने भारतीय अधिकारियों को मुंबई हमले के मामले में और सबूत मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा है ताकि मुंबई हमले का ट्रायल पूरा किया जा सके. हालांकि जकारिया ने यह नहीं बताया था कि भारतीय विदेश सचिव को उन्होंने पत्र कब लिखा.
गौरतलब है कि मुंबई में हुई आंतकी हमले में 166 लोग मारे गए थे. मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड लखवी, अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और युनूस अंजुम पर हत्या के लिए उकसाने, हत्या की कोशिश करने और मुंबई हमलों की योजना बनाकर उसे अंजाम देने के आरोप है.
अमित कुमार दुबे