नजमा हेपतुल्ला ने एक परिवार में दो बच्चों की नीति की वकालत की

नजमा हेपतुल्ला ने रविवार को गिरिराज सिंह के दो बच्चों की नीति के विवादित बयान के संबंध में पूछे गए सवाल पर संवाददताओं से कहा, 'मैं काफी समय से एक परिवार दो बच्चों की नीति की समर्थक रही हूं, लेकिन मेरे तीन बच्चे हैं. इस तरह से मैं भी कसूरवार हूं.

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केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री नजमा हेपतुल्ला केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री नजमा हेपतुल्ला

सना जैदी / BHASHA

  • भोपाल,
  • 25 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 3:32 AM IST

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के दो बच्चों वाले बयान का केंद्र सरकार की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने समर्थन किया है. गिरिराज सिंह के देश की जनसंख्या नीति में बदलाव कर सभी धर्म के लोगों के लिए दो बच्चों की नीति अपनाए जाने संबंधी बयान पर नजमा ने खुद को भी कसूरवार करार दिया. नजमा हेपतुल्ला ने भी देश में 'एक परिवार, दो बच्चों' की नीति की वकालत की है.

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नजमा ने खुद को भी बताया कसूरवार
हेपतुल्ला ने रविवार को गिरिराज सिंह के दो बच्चों की नीति के विवादित बयान के संबंध में पूछे गए सवाल पर संवाददताओं से कहा, 'मैं काफी समय से एक परिवार दो बच्चों की नीति की समर्थक रही हूं, लेकिन मेरे तीन बच्चे हैं. इस तरह से मैं भी कसूरवार हूं.' उन्होंने कहा, यदि मेरे समय में दो बच्चों की सीमा होती तो मैं भी उसका पालन करती.

 

केंद्रीय ने कहा कि आपातकाल के बाद देश में आबादी नियंत्रण पर कोई बहस ही नहीं करना चाहता है. देश में दो बच्चों की नीति होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारी जमीन, हवा और पानी तो बढ़ नहीं रहा. आबादी बढ़ने से नुकसान होता है. उन्होंने कहा कि वह दो बच्चों के छोटे परिवार की नीति का समर्थन करती हैं.

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गिरिराज ने कहा था, हर धर्म में लागू हो दो बच्चों की नीति
गिरिराज सिंह ने पश्चिम चंपारण के बगहा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हिंदू के दो बेटे और मुसलमान के भी दो ही बेटे होने चाहिए. बिहार में सात जिले ऐसे हैं, जहां हमारी घट रही है. जनसंख्या नियंत्रण के नियम को बदलना होगा. तभी हमारी बेटियां सुरक्षित रहेंगी. अगर ऐसा नहीं किया गया तो हमें भी पाकिस्तान की तरह अपनी बेटियां को पर्दे में बंद करना होगा.' गिरिराज ने कहा कि अगर इस देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो बिना काम नहीं चलेगा. देश में सभी के लिए एक समान जनसंख्या नीति होनी चाहिए. देश के अंदर एक ऐसा कानून बने जिसमें हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई सबके दो बच्चे हों.

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