500 और 1000 रुपये के नोट बंद करके कैसे कालेधन पर लगाम लगाना संभव है, इसके बारे में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 'आज तक' से खास बातचीत में बताए. उन्होंने कहा कि कालेधन पर अंकुश के लिए ये बिल्कुल कारगर कदम हैं, उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में यूपीए सरकार के कार्यकाल में कालेधन पर शिकंजा कसने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए, जिसके स्थिति भयावह होती जा रही थी.
कांग्रेस पर जेटली का पलटवार
वित्त मंत्री ने कहा कि मनमोहन सरकार ने को लेकर कोई कदम नहीं उठाए. उन्होंने कहा कि व्हाइट मनी में भी शगुन दे सकते हैं. किसानों से जु़ड़े सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि किसान अपना पैसा बैंक में रखें, किसान की आमदनी पर टैक्स नहीं लगेगा.
जेटली ने बातों ही बातों में कहा कि की खर्च करने की आदत बदलना है और कालेधन के खिलाफ जो कदम उठाए जा रहे हैं उसके तहत छोटे निवेशकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
विपक्ष के आरोप बेबुनियाद
नोटबंदी पर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मायावती, मुलायम और केजरीवाल जैसे लोगों के अलावा कुछ पार्टियों अपनी निजी स्वार्थ की वजह से सवाल उठा रही है. ऐसे लोगों के सवाल से जनता का सरोकार नहीं हैं. साथ ही 2000 नोटों के आ रही तमाम खबरों पर विराम लगाते हुए जेटली ने कहा कि 2000 के नोट में चिप की बात केवल अफवाह है.
उन्होंने कहा कि कालेधन के खुलासे को लेकर ने लोगों पहले कई मौके दिए, लेकिन अब सरकार सख्ती के मूड में हैं और कालेधन के खिलाफ नोटबंदी ही केवल कदम नहीं है. उन्होंने कहा कि कालेधन को लेकर विदेशों में जमा पैसा का खुलासा करने को कहा गया था, लेकिन कुछ लोगों ने पहल को नजरअंदाज कर दिया था, अब उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.
अमित कुमार दुबे