प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कोलकाता में रियल एस्टेट डेवलपर सोना पप्पू से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. आठ ठिकानों पर हुई इस छापेमारी में नोटों का जखीरा मिला. ये कार्रवाई फ्लैट देने के नाम पर ग्राहकों से जमा किए गए पैसों की हेराफेरी और गबन के आरोपों के तहत हुई.
इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेहाला में ज्योतिष रॉय रोड स्थित जय कामदार के आवास पर भी छापेमारी की थी. जय कामदार, सोना पप्पू का एक करीबी सहयोगी है. सूत्रों के मुताबिक, ED के अधिकारियों ने घर से लगभग ₹1.2 करोड़ की नकदी बरामद की है. इस रकम को गिनने के लिए दो कैश-काउंटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया. ये रकम कहां से आई इसपर जय कामदार कोई ठीक सफाई पेश नहीं कर पाए.
इसके अलावा ईडी की टीम ने सोना पप्पू के निवास के साथ-साथ कोलकाता स्थित उनसे जुड़ी एक अन्य कंपनी के ठिकानों पर भी तलाशी ली थी. ईडी को संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और ग्राहकों के धन को व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल करने के इनपुट मिले थे. इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत जुटाना और हेराफेरी किए गए धन के स्रोत का पता लगाना है.
बिल्डर सोना पप्पू पर आरोप है कि उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में फ्लैट देने का वादा कर आम लोगों से मोटी रकम वसूली थी. ग्राहकों का दावा है कि लंबे वक्त के बाद भी उन्हें न तो फ्लैट मिले और न ही उनका पैसा वापस किया गया. ईडी अब इन प्रोजेक्ट्स से जुड़े बैंक खातों और निवेश के दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि ये पता चल सके कि पैसा कहां भेजा गया.
ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में कुछ अन्य बड़े नाम या फर्जी कंपनियां भी शामिल हैं.
तपस सेनगुप्ता