केंद्र सरकार भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ मिलाने जा रही है. सरकार के मुताबिक इसे महिलाओं को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिल सकेंगी.
सोमवार को वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'ये फैसला एसबीआई के बड़े नेटवर्क के लाभ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.' एसबीआई की 126 शाखाएं खासतौर पर महिलाओं के लिए काम कर रही हैं जबकि भारतीय महिला बैंक की सिर्फ 7 शाखाएं हैं. वित्त मंत्रालय का मानना है कि बीएमबी की पहुंच एसबीआई जितनी विस्तृत करने में कहीं ज्यादा खर्च आएगा. इस पैसे का इस्तेमाल महिलाओं को कर्ज देने में किया जा सकता है.
बीएमबी का गठन 2013 में किया गया था. पिछले तीन साल में इस बैंक ने महिलाओं को कुल 192 करोड़ रुपये का लोन बांटा है. एसबीआई ने इसी अवधि में कुल 46 हजार करोड़ का ऋण महिलाओं को दिया. एसबीआई की 20 हजार से ज्यादा शाखाओं में तकरीबन 2 लाख कर्मचारी काम करते हैं. इनमें से 22 फीसदी महिलाएं हैं.
IANS / संदीप कुमार सिंह