अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने 'नकारा' बताकर 25 भारतीय छात्रों को निकाला, कहा- लौट जाएं भारत

अमेरिका की वेस्टर्न केंटकी यूनिवर्सिटी में इसी साल कम्प्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले 25 भारतीय छात्रों को दूसरे संस्थानों में दाखिला लेने या फिर भारत लौट जाने का फरमान सुनाया गया है. यूनिवर्सिटी ने इन छात्रों पर दाखिला के मानकों पर खरे नहीं उतरने का आरोप लगाया है.

Advertisement
इस यूनिवर्सिटी में 60 भारतीय छात्रों को जनवरी में दाखिला मिला था इस यूनिवर्सिटी में 60 भारतीय छात्रों को जनवरी में दाखिला मिला था

अमित कुमार दुबे

  • वाशिंगटन,
  • 07 जून 2016,
  • अपडेटेड 3:11 AM IST

अमेरिका की वेस्टर्न केंटकी यूनिवर्सिटी में इसी साल कम्प्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले 25 भारतीय छात्रों को दूसरे संस्थानों में दाखिला लेने या फिर भारत लौट जाने का फरमान सुनाया गया है. यूनिवर्सिटी ने इन छात्रों पर दाखिला के मानकों पर खरे नहीं उतरने का आरोप लगाया है.

 

25 छात्रों को छोड़ना पड़ेगा कैंपस
दरअसल इसी साल जनवरी महीने में अंतरराष्ट्रीय रिक्रूटरों की मदद से केंटकी यूनिवर्सिटी में 60 भारतीय छात्रों को कंप्यूटर साइंस में दाखिला मिला था. वेस्टर्न के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम के अध्यक्ष जेम्स गैरी ने कहा कि करीब 40 छात्र उनके प्रवेश मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि यूनिवर्सिटी की ओर से उन्हें मदद भी उपलब्ध कराई गई थी. अखबार के मुताबिक 60 में से 35 छात्रों का एडमिशन में कोई गड़बड़ी है और वो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई से करेंगे जबकि 25 छात्र को कैंपस छोड़ना पड़ेगा.

Advertisement

दाखिला मानकों पर खरे नहीं उतरे छात्र
गैरी की मानें तो इन 25 छात्रों को प्रोग्राम में बनाए रखना एक गलती के बाद दूसरी गलती करने जैसा होगा, क्योंकि वे कम्प्यूटर प्रोग्राम तक नहीं लिख सकते, जो उनके का बेहद जरूरी हिस्सा है, और अमेरिका में स्नातकों को सिखाया जाता है. इन छात्रों का दाखिला भारत में एक प्रवेश अभियान चलाकर किया गया था, जिसके तहत रिक्रूटरों ने विज्ञापनों में 'स्पॉट एडमिशन' तथा फीस में छूट की पेशकश भी दी थी.

यूनिवर्सिटी ने कहा- उनके लिए ये एक सबक
वहीं इस मामले के बाद केंटकी यूनिवर्सिटी ने भारत में जारी रिक्रूटमेंट प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है. अब एडमिशन के दौरान यूनिवर्सिटी के कम्प्यूटर साइंस विभाग के सदस्य भी भारत जाएंगे, ताकि दिए जाने से पहले वे छात्रों से मिल सकें. इस बीच यूनिवर्सिटी में इंडियन स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आदित्य शर्मा ने कहा कि भारत से अमेरिका पहुंचे इन 25 छात्रों के साथ जो हुआ वो बेहद हैरान करने वाला है. साथ ही आदित्य ने कहा कि कुछ छात्र पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते और फिर इस तरह के मामले सामने आते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement