राजस्थान कैबिनेट का फैसला, कंप्यूटर शिक्षक के पदों के लिए शुरू होगी भर्ती

राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने आज रात हुई कैबिनेट के बैठक में कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ़ कर दिया है. पिछले कई दिनों से कंप्यूटर की पढ़ाई किए बेरोज़गार युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. कैबिनेट में कम्प्यूटर शिक्षक भर्ती के लिए सेवा नियम में संशोधन को मंजूरी दी गई.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फोटो-PTI) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फोटो-PTI)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 23 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 1:54 AM IST
  • बैठक में सेवा नियम में संशोधन को दी गई मंजूरी
  • कई दिनों से भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे युवा

राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने आज रात हुई कैबिनेट के बैठक में कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ़ कर दिया है. पिछले कई दिनों से कंप्यूटर की पढ़ाई किए बेरोज़गार युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. कैबिनेट में कम्प्यूटर शिक्षक भर्ती के लिए सेवा नियम में संशोधन को मंजूरी दी गई.

इससे पूर्व राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान शैक्षिक (राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम-2021 में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए. कैबिनेट ने प्रदेश के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा के अध्यापन के लिए भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है. 

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इन विद्यालयों में बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक व वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के पदों पर भर्ती होगी. इसके लिए राजस्थान शैक्षिक (राज्य व अधीनस्थ) सेवा नियम-2021 में संशोधन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया है. इस निर्णय से कक्षा 9 से 12 तक की कम्प्यूटर शिक्षा के अध्यापन के लिए शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रशासन गांवों के संग अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई. मंत्रिमंडल ने राज्य कर्मचारियों को राजस्थान सेवा नियमों के अन्तर्गत देय अध्ययन अवकाश के नियमों में संशोधन को स्वीकृति दी है. इस संशोधन से स्थायी कर्मचारी को अध्ययन अवकाश पूर्ण करने के पश्चात अधिवार्षिकी आयु से पूर्व कम से कम 5 वर्ष की राज्य सेवा अनिवार्य रूप से करनी होगी. ऐसे कर्मचारी जिनके द्वारा 52 वर्ष की आयु पूर्ण की ली गई है, अध्ययन अवकाश के पात्र नहीं होंगे.

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अध्ययन अवकाश पूर्ण करने के पश्चात 5 वर्ष की सेवा करने के लिए कार्मिक को बॉन्ड भरना होगा. वे अस्थायी कर्मचारी जो न्यूनतम तीन वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण नहीं करने के कारण अध्ययन अवकाश के पात्र नहीं हैं, वे भी इस संशोधन से उच्च अध्ययन अवकाश के लिए पात्र हो सकेंगे.

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