पंजाब के फरीदकोट के डोगर बस्ती इलाके में बुधवार को पुलिस ने एक महिला एएसआई सरबजीत कौर को उसकी पांच साल की पोती के साथ क्रूरता करने के आरोप में निलंबित कर दिया. एएसआई ने अपनी पोती के हाथ और पैर कपड़े से बांधकर उसे घर के गेट से सटाकर तेज धूप में छोड़ दिया था. बच्ची के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने उसे देखा और इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया. पड़ोसियों ने ही आगे आकर मासूम को गेट से खोला और उसे बचाया.
पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची के माता-पिता पुर्तगाल में रहते हैं और उन्होंने अपनी बेटी को दादी की देखभाल में छोड़ा था. एएसआई सरबजीत कौर फरीदकोट में 'महिला मित्र' (महिला हेल्पडेस्क) के रूप में तैनात थी.
वीडियो वायरल होने के बाद फरीदकोट की सीनियर पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा जैन ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल प्रभाव से एएसआई को सस्पेंड कर दिया. पुलिस ने इस मामले को अब बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है.
पड़ोसियों ने किया मासूम का रेस्क्यू
बच्ची की चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और मासूम की हालत देखकर दंग रह गए. वायरल क्लिप में बच्ची बुरी तरह रोती हुई नजर आ रही है. पड़ोसियों ने न केवल उसे छुड़ाया बल्कि इस कृत्य को कैमरे में कैद कर पुलिस तक पहुंचाया, जिससे आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई मुमकिन हो सकी.
यह भी पढ़ें: पंजाब सरकार ने छीनी राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी, अब गृह मंत्रालय देगी Z सिक्योरिटी
डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस तरलोचन सिंह ने बताया कि पुलिस बल में होने के बावजूद एएसआई का यह कदम पूरी तरह से अस्वीकार्य है. एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए एक मासूम के साथ ऐसी क्रूरता करना गंभीर अपराध है. निलंबन के साथ ही विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या बच्ची के साथ पहले भी इस तरह का व्यवहार किया गया था.
बाल कल्याण समिति को सौंपा मामला
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले को बाल कल्याण समिति (CWC) के पास भेज दिया है. समिति अब बच्ची की सुरक्षा और उसके भविष्य को लेकर फैसला लेगी. पुलिस विभाग ने कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे विभाग के ही क्यों न हों.
aajtak.in