7 जनवरी को जालंधर के निवासी इकबाल सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें उन्होंने X (पूर्व में Twitter) पर आतिशी का विधानसभा वीडियो देखने के बाद FIR दर्ज करने की मांग की. शिकायत के अनुसार, FIR में कपिल मिश्रा को सीधे आरोपी नहीं बनाया गया है. FIR में कुल चार अज्ञात लोगों का जिक्र है, हालांकि FIR में कपिल मिश्रा और उनके ट्वीट का हवाला दिया गया है, साथ ही पंजाब के अन्य तीन नेताओं का भी जिक्र है.
पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है. मामले की जांच जारी है और पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं. फिलहाल कपिल मिश्रा FIR में आरोपी नहीं हैं, केवल उनके ट्वीट और टिप्पणियों का संदर्भ दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता इकबाल सिंह ने आरोप लगाया कि मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक संपादित वीडियो शेयर किया, जिसमें दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी की नेता और विपक्षी नेता आतिशी सिंह को सिख गुरु तेग बहादुर का अपमान करते दिखाया गया.
यह वीडियो 6 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो में दिल्ली विधानसभा की उस सत्र की झलक दिखाई गई थी, जब सदन गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत जयंती मना रहा था. वीडियो में दावा किया गया कि आतिशी ने गुरु तेग बहादुर के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
कपिल मिश्रा का ट्वीट
इसके अगले दिन कपिल मिश्रा ने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “जब दिल्ली विधानसभा में गुरुओं का सम्मान हो रहा था, विपक्षी नेता आतिशी ने बेहद अभद्र और शर्मनाक भाषा का प्रयोग किया. सुनिए खुद… क्या ऐसे व्यक्ति को पवित्र सदन में रहने का अधिकार है?”
AAP का क्या है दावा?
जैसे ही राजनीतिक विवाद बढ़ा, पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने कहा कि वीडियो संपादित और मनगढ़ंत है. आतिशी ने अपने भाषण में “गुरु” शब्द का प्रयोग नहीं किया था. पार्टी ने आरोप लगाया कि वीडियो में जानबूझकर शब्द जोड़े गए ताकि आतिशी और AAP की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.
अमन भारद्वाज / अनमोल नाथ