पंजाब के उस कपल की कहानी जिनके 4 बेटों की ड्रग्स ने ली जान, पांचवां भी 'डेथ बेड' पर

पंजाब के सुलतानपुर लोधी के पंडोरी मोहल्ले में नशे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है. चार बेटों की मौत के बाद एक परिवार का पांचवां बेटा भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है. स्थानीय लोग सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं

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ड्रग्स ने पंजाब के कई परिवार उजाड़ दिए.(Photo: Representational) ड्रग्स ने पंजाब के कई परिवार उजाड़ दिए.(Photo: Representational)

aajtak.in

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  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

पंजाब में नशे के खात्मे के तमाम सरकारी दावे झूठे साबित होते नजर आ रहे हैं. पंडोरी मोहल्ले से आती माओं के रोने की आवाजें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. यहां की गलियों में गूंजता एक मां-बाप का दर्द किसी का भी दिल झकझोर सकता है. नशे ने इस महिला के चार बेटों की जान ले ली और अब पांचवां भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.

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सुलतानपुर लोधी का पंडोरी मोहल्ला डर के साए में जी रहे हैं. करीब 60 साल के जोगिंदर पाल सिंह और मंजीत कौर नशे की वजह से अपने 4 बेटों को खो चुके हैं. अब उनका 32 साल का बेटा सोनू अपने घर में बिस्तर पर पड़ा है,  जो मुश्किल से सांस ले रहा है.

रविवार को परिवार और मोहल्ले के लोग राज्य सरकार से अपील करने के लिए प्रदर्शन भी कर रहे थे कि उनके बेटे को बचाया जाए. उनका कहना है कि ड्रग्स आसानी से मौजूद हैं. पिछले कुछ सालों में कम से कम 20 युवाओं की मौत इसी वजह से हो चुकी है.

मंजीत कहती हैं, 'हमारे मोहल्ले में अकेले चार-पांच महीनों में तीन मौतें हुईं. हमारे दो बेटे शादीशुदा थे और दो कुंवारे, और अब हमें डर है कि हमारा पांचवां बेटा भी मर जाएगा. अस्पताल में दाखिल किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि वे उसके लिए नसें नहीं ढूंढ पा रहे, सिर्फ दवाई ही दे सकते हैं. सरकार को मदद करनी चाहिए.'

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सरकार के दावे फेल

एक महिला ने बताया कि उनकी बहू ने अपने पति को छोड़ दिया क्योंकि वो ड्रग्स नहीं छोड़ पा रहा था. महिलाओं का दावा है कि पंजाब सरकार की नाक के नीचे ये जहर बेचा जा रहा है और सरकार के 'नशे के खिलाफ युद्ध' का जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा.

मोहल्ले की महिलाओं ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि नशे का कारोबार अब पुलिस थाने की दीवारों तक पहुंच चुका है. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा, 'हमारी आंखों के सामने नशा बिकता है, लोग मुंह छिपाकर आते हैं और जहर बेचकर चले जाते हैं. हम पांच-छह सहेलियां यहां बैठी हैं, हम सबके जवान बेटे नशे ने निगल लिए.'

यह भी पढ़ें: देहरादून में 26 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, ड्रग्स की लत से जूझ रही थी 2 साल के बच्चे की मां

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर 'बाबा नानक की नगरी' में पुलिस थानों के पास नशा बिक रहा है, तो आम आदमी कहां सुरक्षित है? डॉक्टरों ने भी नशे से जूझ रहे युवकों के इलाज को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं. ये रिपोर्ट पंजाब के उन बुझ चुके चिरागों का आईना है, जहां 'चिट्टे' की आग ने हंसते-खेलते परिवारों को राख कर दिया है.

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'कपूरथला में 4 लोग एक परिवार के मर चुके हैं और एक अभी इलाज के लिए है, तो हम उनका इलाज करवाएंगे.'

(इनपुट- सुकेत)

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