अकाली दल ने लगाया आरोप- शराब पीकर विधानसभा पहुंचे CM मान, कराया जाए डोप टेस्ट

मजदूर दिवस पर पंजाब विधानसभा में उस वक्त तनाव पैदा हो गया जब विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब पीकर सेशन में आने का आरोप लगाया.

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पंजाब CM मान पर अकाली दल और कांग्रेस ने शराब के नशे में विधानसभा में आने का आरोप लगाया है. (Photo: ITG) पंजाब CM मान पर अकाली दल और कांग्रेस ने शराब के नशे में विधानसभा में आने का आरोप लगाया है. (Photo: ITG)

कमलजीत संधू / असीम बस्सी

  • चंडीगढ़,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:29 PM IST

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब पीकर आने का गंभीर आरोप लगाया है. पंजाब की विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भंगवत मान का एक्स पर एक वीडियो जारी किया है. अकाली दल ने एक्स पर लिखा है कि, "बहुत शर्म की बात है कि भगवंत मान आज मजदूर दिवस के मौके पर पवित्र सदन विधानसभा में शराब पीकर पहुंच गए."

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अकाली दल ने वीडियो का जिक्र करते हुए कहा है कि, "आप खुद मुख्यमंत्री का हाल देख लीजिए कि वह विधानसभा में किस तरह व्यवहार कर रहे हैं."

आगे शिरोमणि अकाली दल ने कहा है कि पार्टी मुख्यमंत्री के इस व्यवहार की कड़ी निंदा करती है. आज के दिन उन्हें शराब पीकर विधानसभा नहीं जाना चाहिए था. शिरोमणि अकाली दल मांग करता है कि आज पूरे पंजाब के सामने मुख्यमंत्री का डोप टेस्ट कराया जाए ताकि पंजाब के लोगों को सच पता चल सके. 

पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सभी विधायकों का एल्कोहल मीटर टेस्ट कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक विधायक ने हेड ऑफ स्टेट पर शराब पीकर आने के इल्जाम लगाए हैं इसलिए सारे विधायकों का एल्कोहल मीटर टेस्ट कराया जाए. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री शराब के नशे में विधानसभा आए हैं. इसलिए सारे विधायकों का एल्कोलमीटर टेस्ट कराया जाए. उन्होंने कहा कि चूंकि "राज्य के मुखिया" पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए सच्चाई का पता लगाने के लिए हर विधायक का टेस्ट किया जाना चाहिए. 

15 प्रतिशत मिनिमम वेज बढ़ाने का ऐलान

इस बीच पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में 15 परसेंट इजाफे की घोषणा की है. इस बढ़ोतरी सरकारी और गैर सरकारी दोनों सेक्टर के लिए लागू होगी. मान ने कहा कि विधानसभा की शुरुआत मई दिवस के लिए अच्छे तरीके से हुई लेकिन कांग्रेस हमेशा वॉकआउट करने के बहाने बनाती है. 2013 में मिनिमम वेज बढ़ाया गया था और उसके बाद इसे कभी नहीं बढ़ाया गया. 

विधानसभा में हुए हंगामे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह विशेष सत्र 'मज़दूर दिवस' को समर्पित है और उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे बहसबाज़ी से बचें और सदन की गरिमा बनाए रखें.

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इस बीच पंजाब विधानसभा स्पीकर ने पंजाब के CM भगवंत मान का डोप टेस्ट/अल्कोहल टेस्ट कराने की कांग्रेस की मांग खारिज कर दी है. स्पीकर ने कहा कि मैं कांग्रेस की ओर से दिया गया पत्र खारिज करता हूं.

बता दें कि AAP सरकार ने 1 मई को 'मजदूर दिवस' के मौके पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया है, ताकि राज्य के मजदूर वर्ग को याद किया जा सके. कांग्रेस नेता वारिंग ने सवाल उठाया कि इस विशेष सत्र से मज़दूरों को क्या फ़ायदा होगा जबकि सरकार "अपने कार्यकाल के आख़िरी दौर में है और वह भी कमज़ोर हालत में."

यह सत्र बुलाने का फैसला तब हुआ है जब सत्ताधारी AAP के सात राज्यसभा सांसदों (जिनमें से छह पंजाब से थे) ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी और BJP में शामिल हो गए. 

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