रविदास जयंती देशभर के करोड़ों लोगों, खासकर रविदासिया समुदाय के लिए विशेष महत्व रखती है, जो संत गुरु रविदास के समानता और सामाजिक समरसता के संदेश को जीवंत करती है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे.
डेरा सचखंड बल्लां पंजाब का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो 15वीं शताब्दी के संत गुरु रविदास का आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है. यहां हर साल गुरु रविदास जयंती पर बड़े धार्मिक समागम आयोजित होते हैं, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं.
प्रधानमंत्री का दौरा इसी समागम से जुड़ा है. कार्यक्रम में वे संत गुरु रविदास की तस्वीर और दूसरे गद्दी-नशीन संत सरवन दास की मूर्ति पर फूल चढ़ाएंगे, अरदास करेंगे, परिक्रमा करेंगे.
संत निरंजन दास जी से संवाद: पद्मश्री सम्मान का विशेष महत्व
डेरा प्रमुख संत निरंजन दास जी को हाल ही में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है, जो उनके सामाजिक योगदान को मान्यता देता है. प्रधानमंत्री मोदी उनसे मुलाकात करेंगे. दोनों के बीच पहले भी संपर्क रहा है; संत निरंजन दास ने डेरा की जयंती पर राष्ट्रीय कार्यक्रमों का अनुरोध किया था.
यह भी पढ़ें: Guru Ravidas Jayanti: संत रविदास जयंती आज, यहां पढ़ें उनके बहुमूल्य विचार
सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक संदर्भ
दौरे को लेकर पंजाब पुलिस डीजीपी ने जायजा लिया और एसपीजी तैनात की गई. राजनीतिक रूप से, यह बीजेपी की पंजाब विधानसभा चुनाव (2027) से पहले दलित वोटबैंक, खासकर दोआबा क्षेत्र के रविदासिया और आद-धर्मी समुदायों को साधने की रणनीति मानी जा रही है.
2019 काशी यात्रा का ऐतिहासिक संदर्भ
2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने काशी (वाराणसी) में रविदास जयंती मनाई थी, जहां संत निरंजन दास जी मौजूद थे. तब सामाजिक समरसता पर चर्चा हुई, जो डेरा श्रद्धालुओं की वाराणसी यात्रा परंपरा से जुड़ी.
हिमांशु मिश्रा