पाकिस्तान की जेल में भारतीयों के साथ क्या-क्या होता है? बहकर चले गए 7 भारतीय वापस लौटे तो सुनाई आपबीती

पाकिस्तान ने 2023 की बाढ़ के दौरान गलती से सीमा पार चले गए सात भारतीय नागरिकों को कूटनीतिक तालमेल के तहत अटारी बॉर्डर पर भारत को सौंप दिया. ये सभी लोग मवेशी या खेती का सामान बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान पहुंच गए थे. लौटे नागरिकों ने हिरासत के दौरान मारपीट, लंबे समय तक बंद रखने और सजा देने के आरोप लगाए.

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ये सभी व्यक्ति पंजाब के अटारी बॉर्डर पर भारत लौटे हैं. (Photo: ANI) ये सभी व्यक्ति पंजाब के अटारी बॉर्डर पर भारत लौटे हैं. (Photo: ANI)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST

पाकिस्तान ने शनिवार को सात भारतीय नागरिकों को भारत को सौंप दिया, जिन्हें साल 2023 में आई बाढ़ के दौरान गलती से सीमा पार चले जाने के बाद हिरासत में लिया गया था. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इन सभी भारतीयों की वापसी पंजाब के अटारी बॉर्डर पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर हुई. अटारी बॉर्डर पर तैनात प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि दोनों देशों को रिहाई के आदेश दिन में ही मिल गए थे.

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अरुण महल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने सातों लोगों को बीएसएफ के हवाले किया. इसके बाद उन्हें सीमा कस्टम और इमिग्रेशन ऑफिस लाया गया, जहां जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं. रिहा किए गए सात लोगों में से चार पंजाब के फिरोजपुर जिले के हैं. जबकि एक जालंधर से, एक लुधियाना से और एक उत्तर प्रदेश से है. ये सभी लोग 2023 में सीमा के पास आई भारी बाढ़ के दौरान मवेशियों को बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे.

'हमने कहा कि हमें भारतीय सेना के पास पहुंचा दें'

अमृतसर के अटारी इलाके से लौटे एक व्यक्ति ने बताया कि पानी के तेज बहाव ने उन्हें सीमा की बाड़ के पार धकेल दिया था. उन्होंने कहा कि हम तीन लोग पानी के बहाव में बहकर सीमा पार चले गए थे. हम पाकिस्तान में एक घर तक पहुंचे और उनसे कहा कि हमें भारतीय सेना के पास पहुंचा दें, लेकिन उन्होंने हमें पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया. हमने बताया कि यह गलती से हुआ है, लेकिन किसी ने नहीं सुना. हमारी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और हमें ले जाया गया. हमें एक साल की सजा दी गई. हम सरकार के आभारी हैं कि हमें वापस लाया गया.

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मेंटल हॉस्पिटल में हैं 18 लोग

एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे ढाई साल तक पाकिस्तान में बंद रखा गया. उसने कहा कि मुझे एक कमरे में बंद करके रखा गया. कभी-कभी बाहर निकालकर मारपीट की जाती थी और फिर वापस बंद कर दिया जाता था.

तीसरे व्यक्ति ने बताया कि वह तीन महीने तक हिरासत में रहा. उसने भारत सरकार से अपील की कि पाकिस्तान की जेलों में बंद बाकी भारतीयों को भी वापस लाया जाए. उसने कहा कि वहां और भी भारतीय हैं. अठारह लोग मानसिक अस्पताल में हैं. हमें पीटा जाता था. मुझे 28 दिन की रिमांड पर रखा गया था.

'मैं बाढ़ में अपना ट्रैक्टर बचाने गया था'

एक और व्यक्ति ने बताया कि वह बरसात के मौसम में खेत का सामान बचाने गया था. उसने कहा कि मैं ट्रैक्टर बचाने गया था, लेकिन तेज पानी मुझे पाकिस्तान की तरफ ले गया. गांव वालों से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने हमें सेना को सौंप दिया. मुझे एक साल की सजा और 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. मैं जुलाई 2023 में सीमा पार गया था. सरकार को बाकी लोगों को भी वापस लाना चाहिए.

इन लोगों की वापसी भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तालमेल के बाद संभव हो सकी. खासकर पंजाब सेक्टर में बाढ़ और मानसून के दौरान गलती से सीमा पार चले जाने वाले नागरिकों की वापसी के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है.

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