पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कहा कि भारत-पाक सीमा के पास गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के पीछे पाकिस्तान का हाथ है. यह बयान उन्होंने जालंधर के पीएपी ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड समारोह के दौरान दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान पुलिस बल के बीच डर और दहशत फैलाना चाहता है, इसी मंशा से इन पुलिसकर्मियों की हत्या करवाई गई. इस बीच, बॉर्डर रेंज के डीआईजी ने भी मामले में बड़ा खुलासा किया है.
आईएसआई ने करवाई हत्या: डीआईजी
अमृतसर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए शूटरों को हायर किया था. उन्होंने कहा कि इस वारदात के मास्टरमाइंड रंजीत सिंह और इंदरजीत सिंह थे. पुलिस मुठभेड़ में रंजीत सिंह मारा गया है, जबकि दिलावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
डीआईजी ने बताया कि ये तीनों आरोपी आईएसआई के हैंडलर्स के लगातार संपर्क में थे. उन्हें खास तौर पर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने 72 घंटे के भीतर इस मामले को सुलझा लिया है.
घटना कब हुई?
पंजाब के गुरुदासपुर के अढियां गांव में 22 फरवरी 2026 की रात भारत-पाक सीमा के पास तैनात दो पुलिसकर्मियों एएसआई गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार को उनके चेकपोस्ट पर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया. उनके शव सुबह चेकपोस्ट में मिले। पुलिस और BSF जवान न मिलने पर स्थानीय सरपंच ने जब स्थिति की सूचना दी थी. दोनों पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे. जांच में पता चला कि आरोपियों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स और ISI से संपर्क करके हत्या को अंजाम दिया. हत्या के पीछे कथित टारगेट किलिंग का मकसद बताया गया है, जिसमें पैसे का लालच देकर पुलिस को निशाना बनाया गया था.
अमन भारद्वाज