'जहां काबिलियत की कदर नहीं, वहां रहना बेकार', नवजोत कौर सिद्धू ने छोड़ी कांग्रेस

पंजाब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी से इस्तीफा देकर प्रदेश नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने राजा वड़िंग पर संगठन कमजोर करने और गुटबाजी बढ़ाने का आरोप लगाया. उनके फैसले से पंजाब की राजनीति में नई हलचल मच गई है.

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नवजोत कौर सिद्धू का इस्तीफाकांग्रेस लिए बड़ा झटका माना ज रहा है (Photo-ITG) नवजोत कौर सिद्धू का इस्तीफाकांग्रेस लिए बड़ा झटका माना ज रहा है (Photo-ITG)

अमन भारद्वाज

  • चंडीगढ़,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:33 AM IST

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस फैसले ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है. डॉ. सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर अपने इस्तीफे की घोषणा की और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर सीधा हमला बोला.

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डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने आरोप लगाया कि राजा वड़िंग ने निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते पार्टी संगठन को कमजोर किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी को बढ़ावा दिया गया, ईमानदार और निष्ठावान नेताओं को हाशिये पर धकेला गया, जबकि चुनिंदा लोगों को संगठनात्मक पदों से नवाज़ा गया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी चुनावी संभावनाओं को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई और पार्टी नेतृत्व ने उन वरिष्ठ नेताओं पर चुप्पी साधे रखी, जो खुलेआम संगठन को चुनौती देते रहे. डॉ. सिद्धू ने कहा कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े सबूत हैं, लेकिन वे किसी को नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं रखतीं.

पार्टी नेताओं पर लगाए आरोप

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं ऐसी पार्टी छोड़ रही हूं, जहां काबिल और भविष्य के नेताओं की आवाज़ नहीं सुनी जाती.” उन्होंने कांग्रेस में अनुशासन के क्षरण और नेतृत्व की कमजोरी पर भी निराशा जताई.

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गौरतलब है कि इससे पहले भी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू तभी सक्रिय राजनीति में लौटेंगे, जब पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करेगी. उनके इस बयान से कांग्रेस के भीतर विवाद और गहरा गया था. बताया जा रहा था कि मतभेद सुलझाने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

अब उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज़ हैं कि डॉ. सिद्धू भविष्य में बीजेपी का रुख कर सकती हैं, हालांकि उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. कांग्रेस के लिए इसे पंजाब में एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
 

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