पंजाब के मलेरकोटला शहर में उस समय माहौल भावुक हो गया जब ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत से जुड़ी खबरें सामने आईं. इन खबरों के बाद मलेरकोटला में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर शोक व्यक्त किया और हाथों में अली खामेनेई के पोस्टर लेकर रैली निकाली. इस दौरान अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. जिस पोस्टर को इस दौरान लहराया गया उसमें लिखा था, 'जिल्लत की जिंदगी से, इज्जत की मौत बेहतर'
रैली में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईरान हमेशा अपने सिद्धांतों पर अडिग रहा है और बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है. उनका आरोप था कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।.
लोगों ने कहा कि खामेनेई की मृत्यु की खबर मुस्लिम दुनिया के लिए एक बड़ा झटका है. वहीं इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए. पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई और अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.
लखनऊ में भी प्रदर्शन
फिलहाल मलेरकोटला में माहौल संवेदनशील लेकिन शांतिपूर्ण बना हुआ है. शहर में चर्चा का विषय बना यह घटनाक्रम अन्य इलाकों में भी बातचीत का मुद्दा बना हुआ है. खामेनेई की मौत के खबर के यूपी की राजधआनी लखनऊ में भी लोग ग़म में डूबे नजर आए. खबर फैलते ही हजारों लोग जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे सड़क पर उतर आए और शोक व्यक्त किया.
छोटा इमामबाड़ा से लेकर बड़ा इमामबाड़ा तक लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ नारेबाजी की. काली पोशाक पहने नौजवान हाथों में काले झंडे और ख़ामेनई की तस्वीरों वाले बैनर लेकर सड़कों पर निकले. कई लोग अपने घरों से बाहर आकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.
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