पंजाब के जालंधर में लेडी डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी सूद की संदिग्ध मौत के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस मामले में मृतका के परिवार ने उनके पति और नेशनल आई केयर हॉस्पिटल से जुड़े डॉक्टर पियूष सूद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही थी. अब परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
मृतका के पिता प्रमोद कुमार ने बताया कि उनकी बेटी की शादी अक्टूबर 2018 में डॉ. पियूष सूद के साथ हुई थी. उनके अनुसार शादी के बाद एक थार गाड़ी खरीदी गई थी, जिसका लोन डॉ. मीनाक्षी के नाम पर लिया गया था. परिवार का आरोप है कि उस लोन की किस्तें भी मीनाक्षी अपनी सैलरी से भर रही थीं.
परिवार ने यह भी दावा किया कि पहले भी उनकी बेटी की जान लेने की कोशिश की गई थी. पिता का आरोप है कि एक बार उसका गला घोंटने का प्रयास किया गया था. हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ अक्सर मारपीट की जाती थी. उनका कहना है कि कई बार दामाद खुद फोन कर यह स्वीकार करता था कि उसने मीनाक्षी को पीटा है और बाद में माफी भी मांगता था. परिवार का आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था.
अफेयर का शक, करोड़ों का लोन और टूटता रिश्ता
मामले में एक और गंभीर आरोप कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का भी है. परिवार का कहना है कि डॉ. पियूष सूद का अस्पताल में काम करने वाली एक महिला के साथ संबंध था. पिता के अनुसार जब मीनाक्षी को इस बात का शक हुआ तो उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की. परिवार का दावा है कि फुटेज में दोनों को साथ देखा गया था और संबंधित वीडियो पुलिस को भी सौंप दिए गए हैं.
मामले में आर्थिक विवाद भी सामने आया है. परिजनों के अनुसार डॉ. पियूष सूद ने मीनाक्षी के नाम पर करीब 45 लाख रुपये का लोन लिया था. इसके अलावा कुछ दिन पहले जब मीनाक्षी बैंक पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर करीब ढाई करोड़ रुपये का एक और लोन चल रहा है. परिवार का दावा है कि इस लोन से जुड़े दस्तावेजों पर मीनाक्षी के हस्ताक्षर भी नहीं थे. इस जानकारी के सामने आने के बाद वह काफी तनाव में रहने लगी थीं. पिता का कहना है कि यह बात सामने आने के बाद उनकी बेटी मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी.
परिजनों के अनुसार जुलाई 2025 से मीनाक्षी अपने पति से अलग रह रही थीं. उन्होंने अपना नया घर खरीदने की योजना भी बनाई थी. परिवार का कहना है कि लगातार विवाद, कथित प्रताड़ना और आर्थिक दबाव के कारण वह अपने पति से तलाक लेना चाहती थीं. इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, हर जवाब की तलाश में परिवार
मृतका की मां ने कहा कि उन्हें अभी यह नहीं पता कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है या उसकी मौत किसी अन्य परिस्थिति में हुई है. उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं परिवार की मांग है कि मामले की गहन जांच हो और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
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