IDFC बैंक घोटाला: सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया गिरफ्तार, अब तक 12 आरोपी पकड़े गए

चंडीगढ़ में आईडीएफसी (IDFC) बैंक घोटाले में एसीबी (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया को गिरफ्तार किया है. इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में यह अब तक की 12वीं गिरफ्तारी है.

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आईडीएफसी बैंक घोटाला: सावन ज्वेलर्स का मालिक गिरफ्तार  (Photo-ITG) आईडीएफसी बैंक घोटाला: सावन ज्वेलर्स का मालिक गिरफ्तार (Photo-ITG)

कमलजीत संधू

  • चंडीगढ़,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:34 PM IST

आईडीएफसी बैंक से जुड़े बड़े घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है. राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उन्होंने इस घोटाले में अहम भूमिका निभाई और संदिग्ध पैसों को कैश में बदलने का काम किया. इस मामले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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चंडीगढ़ में ACB ने जांच के बाद सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया को हिरासत में लिया. अधिकारियों के मुताबिक आईडीएफसी बैंक से जुड़े इस घोटाले में सरकारी खातों से बड़ी रकम गैरकानूनी तरीके से अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर की गई थी. इसके बाद यह पैसा कई फर्मों के जरिए आगे भेजा गया.

घोटाले का लेन-देन

जांच में यह बात सामने आई है कि घोटाले की एक बहुत बड़ी रकम सावन ज्वेलर्स तक पहुंची थी. यह पैसा रिभव ऋषि, अभय कुमार, अभिषेक सिंगला और स्वाति सिंगला समेत अन्य आरोपियों की कंपनियों और फर्मों के जरिए ट्रांसफर किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि यह लेन-देन पूरी तरह संदिग्ध है और इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था.

कैश कन्वर्जन का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार राजन कटोदिया मुख्य आरोपियों के लिए कैश कन्वर्जन का काम कर रहे थे. आरोप है कि उन्होंने फर्जी तरीके से सोने के गहने बेचने का रिकॉर्ड दिखाकर पैसों को वैध बनाने की कोशिश की. इसके बदले उन्हें भारी कमीशन भी मिला.  ACB का कहना है कि शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि राजन कटोदिया ने इस पूरे मामले की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर पहले से योजना बनाई और उसी के तहत इस घोटाले को अंजाम दिया.

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यह इस मामले में 12वीं गिरफ्तारी है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस रिमांड लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी, ताकि इस घोटाले से जुड़े बाकी लोगों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके. जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला काफी बड़ा है और आने वाले दिनों में इसमें और भी खुलासे हो सकते हैं.

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