'धमाके करवाएंगे, सरकार रिपीट हो जाएगी', पूर्व पंजाब CM भट्ठल के सनसनीखेज दावे से मुश्किल में कांग्रेस

पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल के बयान ने पंजाब कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान कुछ अधिकारियों ने उन्हें सरकार रिपीट करने के लिए धमाके कराने की सलाह दी थी.

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पंजाब की पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्टल के सनसनीखेज दावे ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया है. (Photo: PTI) पंजाब की पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्टल के सनसनीखेज दावे ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया है. (Photo: PTI)

कमलजीत संधू / असीम बस्सी

  • चंडीगढ़ ,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल (Rajinder Kaur Bhattal) के एक बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और कांग्रेस पार्टी को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है. एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में भट्ठल ने सनसनीखेज दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान कुछ अधिकारियों ने उन्हें फिर से चुनाव जीतने के लिए 'राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर धमाके कराने' की सलाह दी थी, ताकि दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके. 

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रजिंदर कौर भट्ठल ने कहा, 'अफसरों ने मुझसे कहा था कि सरकार रिपीट करने के लिए बाजारों व ट्रेनों में धमाके करवा कर दहशत फैलाएंगे. लोगों को डराएंगे और फिर डराकर मर्जी से वोट डलवाएंगे. जैसे ही अफसरों ने ये प्रपोजल दिया, वैसे ही मैंने उन्हें टोका. मैंने अफसरों को साफ कह दिया था कि लाशों पर राजनीति नहीं करूंगी.' उन्होंने आगे कहा कि मैंने साफ कर दिया था कि अगर इलेक्शन से पहले छोटी सी भी घटना हुई तो अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

रजिंदर कौर भट्‌ठल ने कहा कि अफसर मुख्यमंत्री को अलग-अलग तरह की सलाह देते हैं. उन सलाहों को मानना या न मानना मुख्यमंत्री की अपनी मर्जी होती है. मुझे जब अफसरों ने इस तरह की सलाह दी थी तब मैंने उन्हें जमकर फटकार लगाई थी. बता दें कि राजिंदर कौर भट्ठल 1996 से 1997 तक पंजाब की 14वीं मुख्यमंत्री रहीं. पंजाब में अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनके इस बयान ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है.

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भट्ठल के बयान को विपक्ष ने बनाया मुद्दा

विपक्षी दलों ने भट्ठल के बयान को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं. राजनीतिक नुकसान होता देख कांग्रेस आलाकमान ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है. कांग्रेस महासचिव और पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा, 'रजिंदर कौर भट्ठल ने खुद कहा है कि विस्फोट के संदर्भ में दी गई सलाह पर ध्यान नहीं दिया गया. जब कोई विस्फोट हुआ ही नहीं, तो इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. इतने वर्षों बाद अचानक उनका इस मुद्दे बोलना सोचने वाली बात है.' 

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग ने इसे रजिंदर कौर भट्ठल का व्यक्तिगत बयान बताया और कहा कि उन्होंने खुद स्पष्ट किया है कि कोई घटना नहीं हुई. वारिंग ने कहा कि बीजेपी और अकाली दल को कांग्रेस को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि कांग्रेस ने देश के लिए बड़े बलिदान दिए हैं. उन्होंने अकाली दल के शासनकाल में हुई बेअदबी की घटनाओं और पुलवामा हमले को लेकर भी सवाल उठाए. आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने पूर्व सीएम भट्ठल के बयान को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. 

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BJP और AAP ने कांग्रेस पर बोला हमला

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा धमाकों और हत्याओं की राजनीति करती रही है. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस बयान की जांच की मांग करते हुए कांग्रेस को पंजाब में हिंसा और संगठित अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने मांग की कि रजिंदर कोर भट्ठल उन लोगों के नाम सार्वजनिक करें जिन्होंने उन्हें ऐसी सलाह दी थी. वहीं, भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि भट्ठल एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें बेहद जिम्मेदारी से बोलना चाहिए.

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बता दें कि हाल के महीनों में पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं ने विवादित बयानबाजी की है, जिसने चुनाव से पहले राज्य में पार्टी की मुश्किलें बढ़ाई हैं. इसकी शुरुआत दिसंबर 2025 में नवजोत कौर सिद्धू के विवादास्पद बयान 'मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये का सूटकेस' से हुई. पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद एक बयान में उन्होंने दावा किया, 'हम हमेशा पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैं... लेकिन हमारे पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं जो हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने के लिए दे सकें. जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देगा वही मुख्यमंत्री बनेगा.' इसके बाद उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था. 

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चुनाव से पहले असहज स्थिति में कांग्रेस

जनवरी 2026 में, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने पार्टी नेतृत्व में दलित प्रतिनिधित्व की कमी का मुद्दा उठाया. पंजाब कांग्रेस की अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक के दौरान, चन्नी ने सवाल किया, 'पंजाब में 35-38% दलित आबादी है, लेकिन उनका प्रतिनिधित्व कहां है? प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, महिला शाखा की अध्यक्ष और महासचिव सभी उच्च जाति से हैं. दलित कहां जाएं?' उनके इस बयान को पंजाब कांग्रेस में जाट-सिख वर्चस्व को चुनौती देने के रूप में देखा गया, जिससे पार्टी की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई और मामले को दबाने के लिए आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा. पंजाब विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, ऐसे में रजिंदर कौर भट्ठल के बयान ने कांग्रेस को असहज स्थिति में खड़ा कर दिया है.

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