टूटता नहीं देखना चाहते थे, जुगाड़ टेक्निक से 500 फीट खिसकाया जा रहा 2 मंजिला आलीशान घर

Punjab: भारतमाला प्रोजेक्ट के चलते किसान का घर हाइवे की रेंज में आ रहा था. अपने सपनों के आशियाने को टूटने से बचाने के लिए किसान अब उसे शिफ्ट करा रहा है. घर को 500 फीट शिफ्ट किया जाना है जिसमें 40 लाख रुपये का खर्च होना है. घर हर दिन 10 फीट तक खिसकाया जा रहा है.

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किसान सुखविंदर सिंह का घर. किसान सुखविंदर सिंह का घर.

बलवंत सिंह विक्की

  • संगरूर,
  • 21 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 5:29 PM IST

Punjab News: संगरूर जिले के एक गांव में खेत में बने दो मंजिला आलीशान घर को 500 फीट दूर शिफ्ट किया जा रहा है. सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा है लेकिन रोशनवाला गांव के किसान सुखविंद सिंह सुक्खी अपने टूटने से बचाने के लिए लाखों खर्च करके घर को दूसरी जगह शिफ्ट करा रहे हैं. शिफ्टिंग की वजह भारतमाला प्रोजेक्ट है.

देशभर में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत हाइवे बनाए जा रहे हैं. इसी के तहत संगरूर जिले के गांव रोशनावाल से दिल्ली-जम्मू-कटरा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है. इसी हाइवे के रास्ते में आने वाली जमीनों का सरकार अधिग्रहण कर रही है.

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रोशनवाला गांव के रहने वाले कारोबारी और किसान सुखविंदर सिंह सुक्खी की ढ़ाई एकड़ जमीन भी प्रोजेक्ट में आने के चलते अधिग्रहण की गई है. इसके लिए सरकार ने सुखविंदर को मुआवजा भी दिया है. लेकिन सुखविंदर सिंह जमीन पर बना घर भी प्रोजेक्ट के रडार में आने से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं.

अपने इस सपनों के आलीशान आशियाने को किसान सुखविंदर तोड़ना नहीं चाहते हैं, इसलिए उन्होंने घर को शिफ्ट कराने का फैसला लिया है. अब इस घर को वर्तमान जगह से हटाकर 500 फीट दूर शिफ्ट किया जा रहा है. शिफ्टिंग करने के लिए लिफ्टिंग तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है.

सुखविंदर सिंह ने बताया, ''साल 2017 में घर बनवाना शुरू किया था जो साल 2019 में पूरा हुआ. इस घर को बनवाने में डेढ़ करोड़ रुपये के करीब का खर्चा आया था. इस घर में मेरे भाई और मेरा परिवार रहता था. एक्सप्रेस-वे के रडार में आने के चलते घर को तोड़ा जाना था. हमारी एक बीज फैक्ट्री भी इस जमीन पर लगी हुई थी. जिसमें हम फसल के लिए बीज तैयार करते थे और उसका व्यापार भी करते थे. फैक्ट्री को हमने दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया, लेकिन घर को लेकर सभी परेशान थे. घर बनवाने में फिर से दो साल खराब करना ठीक नहीं लगा और अब तो पहले की तुलना में महंगाई भी बहुत हो गई है. ऐसे में फिर से घर बनवाना बहुत महंगा पड़ता. इसलिए हमने इसी घर को शिफ्ट कराने का फैसला किया.''

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मकान मालिक सुखविंद ने आगे बताया, मुझे पता था कि बड़े-बड़े घरों को भी एक जगह से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा सकता है. मेरे दोस्त के घर की लिफ्टिंग का काम चल रहा था, उन्हीं लोगों से मैंने अपने घर को शिफ्ट करने की बात कही. ठेकेदार मोहम्मद शाहिद ने घर को शिफ्ट करने का जिम्मा लिया है. सुखविंदर सिंह का कहना है कि इस घर को शिफ्ट कराने में 40 लाख रुपये खर्चा होना है.

500 फीट सरकाना है घर 

घर शिफ्ट करने की जिम्मेदारी ठेकेदार मोहम्मद शाहिद ने ली है. उनका कहना है कि घर बहुत ही आलीशान बना हुआ है. घर में लकड़ी का काम भी हुआ है. जिसके चलते घर को शिफ्ट करना बहुत चुनौती भरा है. बहुत बड़े एरिया में बने इस दो मंजिला घर की दीवारों पर दरार ना आए और घर के फर्नीचर को नुकसान ना हो, इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

घर को अपनी मूल जगह से 500 फीट दूर शिफ्ट किया जाना है. हर रोज घर को 10 फीट खिसकाया जा रहा है. बीते 2 महीने में 250 फीट तक घर को शिफ्ट किया जा चुका है. अब 250 फीट और शिफ्ट करना बाकी है.  60 फीट के करीब घर को रास्ते पर मोड़ना भी है, तब जाकर यह घर हाइवे के रडार से बहार हो सकेगा. आने वाले दिनों में घर को पूरी तरह शिफ्ट कर दिया जाएगा. 

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गाड़ी के जैक लगाकर उठाया है घर

ठेकेदार मोहम्मद शाहिद ने बताया, घर को शिफ्ट करने के लिए गाड़ी के जैक, लोहे की पटरियों और अन्य सामान का यूज किया जा रहा है. घर को जमीन से कई फीट ऊंचा उठाया गया है. जैक को पूरे मकान के चारों और लगाया गया है. जिसकी चलते यह घर हर रोज 10 फीट तक सरकाया जाता है.

बकौल ठेकेदार, ''मैं अपने पिता के साथ घर लिफ्टिंग का काम करता हूं. हमने पहले भी कई घर लिफ्ट किए हैं लेकिन वो 10-15 फीट तक ही किए थे. लेकिन इस घर को 500 फीट शिफ्ट करना है. जिसमें से आधी दूरी हमने तय कर ली है, आधी बाकी है. जिसे दो-ढ़ाई महीने में पूरा कर लिया जाएगा. मोहम्मद शाहिद कहते हैं कि घर को शिफ्ट करने में बहुत मजदूरों की जरूरत पढ़ती है जो सबसे बड़ा चैलेंज है.''

 

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